

सागर: मध्य प्रदेश के सागर जिले स्थित गोपालगंज थाना क्षेत्र में एक ऑटो चालक के घर मिले 3 करोड़ से अधिक कैश को लेकर अब जांच शुरू कर दी गई है. लोकायुक्त ने पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. यह टीम नकदी के स्रोत, उसके वास्तविक मालिक और मामले से जुड़े सभी लोगों की भूमिका का सच सामने लाएगी.
लोकायुक्त एसपी दुर्गेश राठौर के अनुसार, प्रारंभिक जांच में लोक निर्माण विभाग (PWD) के इंजीनियर रमेश अहिरवार का नाम सामने आया है. लोकायुक्त की टीम उनकी चल-अचल संपत्तियों के साथ-साथ आय के स्रोतों की भी पड़ताल करेगी, ताकि यह देखा जा सके कि उनकी संपत्ति और आय के बीच कोई असामान्य अंतर तो नहीं है.
लोकायुक्त एसपी ने बताया कि गोपालगंज थाना पुलिस द्वारा जब्त की गई 3 करोड़ रुपये से अधिक की रकम को जल्द ही लोकायुक्त टीम अपने कब्जे में लेगी. इसके बाद बरामद रकम से जुड़े दस्तावेजों, परिस्थितियों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा.
ऑटो चालक और PWD इंजीनियर के बयानों में अंतर
16 अगस्त 2026 को पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ऑटो चालक सौरभ अहिरवार के घर से 3 करोड़ 2 लाख से अधिक की नकद राशि बरामद की थी. इतनी बड़ी रकम मिलने पर ऑटो चालक सौरभ ने दावा किया था कि यह पैसे उसके रिश्तेदार PWD इंजीनियर रमेश अहिरवार के हैं. वहीं, इंजीनियर रमेश अहिरवार ने इन आरोपों से साफ इनकार कर दिया था. इससे यह मामला उलझ गया था.
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जल्द हो सकता है मामले का खुलासा
इसके बाद अब पांच सदस्यीय SIT इस बात की जांच करेगी कि इतनी बड़ी रकम किस माध्यम से एकत्र की गई और क्या इसके पीछे भ्रष्टाचार या आय से अधिक संपत्ति का मामला है. लोकायुक्त के मैदान में उतरने के बाद इस केस में बड़े खुलासों की संभावना बढ़ गई है.
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