

20 लाख रुपये. इस रकम को चीनी शेयर बाजार में लगाने की कथित योजना. मौत से महज पांच हफ्ते पहले खोला गया पति-पत्नी का जॉइंट बैंक अकाउंट. लेकिन निवेश के लिए पैसे देने से ट्विशा शर्मा का इनकार, क्योंकि ट्विशा का कहना था कि यह पैसा उसके पिता का है. भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI की चार्जशीट ने अब 20 लाख रुपये के इस वित्तीय एंगल को जांच के केंद्र में ला दिया है.
7 अप्रैल को खोला गया समर्थ-ट्विशा जॉइंट अकाउंट
चार्जशीट में दावा किया गया है कि इसी मकसद से 7 अप्रैल 2026 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बागमुगालिया शाखा में समर्थ सिंह और ट्विशा शर्मा के नाम से एक जॉइंट अकाउंट भी खोला गया था. लेकिन, ट्विशा ने पैसे ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया. CBI के मुताबिक, ट्विशा का कहना था कि यह पैसा उसके पिता का है. चार्जशीट में आरोप लगाया है कि पैसे देने से इनकार करने के बाद भी दोनों आरोपी उस पर लगातार दबाव बनाते रहे. इस कारण उसे मानसिक क्रूरता का सामना करना पड़ा.
मौत से कुछ घंटे पहले 20 लाख रुपये चीन के शेयर बाजार में लगाने का दबाव
उसने राशि को यह भी बताया कि पति समर्थ उस पर अपना निवेश ट्रांसफर करने का दबाव बना रहा है, ताकि वह उस रकम को “Chinese Share Market” यानी चीनी शेयर बाजार में निवेश कर सके. उसी दिन ट्विशा की मौत हो गई. CBI ने पैसे को लेकर बनाए गए इस कथित दबाव को ट्विशा के ससुराल में उसके साथ हुई कथित मानसिक क्रूरता की परिस्थितियों का हिस्सा माना है.
शादी के बाद से ही थी 20 लाख रुपये पर नजर
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने भी 20 लाख रुपये को लेकर कथित दबाव का जिक्र किया है. नवनिधि शर्मा के मुताबिक, “ट्विशा के अकाउंट में 20 लाख रुपये थे. शादी के कुछ दिनों बाद ही समर्थ ने उस पर दबाव बनाना शुरू कर दिया कि मुझे यह पैसा चाहिए. वह कहता था कि चीन में इससे दोगुना मुनाफा मिलेगा. मां-बेटा दोनों ट्विशा पर दबाव बना रहे थे.”
‘तुझे तो इंग्लिश बोलनी भी नहीं आती, इसलिए तेरी नौकरी गई’
CBI की चार्जशीट में ट्विशा की नौकरी छूटने के बाद उसे कथित तौर पर अपमानित किए जाने का भी जिक्र है. जांच एजेंसी के मुताबिक, ट्विशा ने अपने माता-पिता को बताया था कि नौकरी जाने के बाद पति समर्थ सिंह उसे ताने मारता था. चार्जशीट में समर्थ द्वारा कथित तौर पर कही गई एक बात का भी जिक्र है, “तुझे तो इंग्लिश (English) बोलनी भी नहीं आती, इसलिए तेरी नौकरी चली गई.”
आखिर 7 अप्रैल को क्यों खुलवाया गया जॉइंट अकाउंट?
CBI की जांच में सामने आया डीमैट अकाउंट अब इस मामले में महत्वपूर्ण कड़ी बन सकता है. सवाल है कि 7 अप्रैल को समर्थ और ट्विशा के नाम पर जॉइंट बैंक अकाउंट आखिर क्यों खोला गया था. क्या ट्विशा पर उसके करीब 20 लाख रुपये के इक्विटी निवेश को बेचने या ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जा रहा था. जिस चीनी शेयर बाजार में पैसा लगाने की बात ट्विशा ने कथित तौर पर अपनी परिचित से कही थी, वह निवेश आखिर क्या था. इन सवालों की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि CBI ने अदालत को साफ तौर पर बताया है कि कथित आर्थिक मांगों से जुड़े पहलुओं पर उसकी जांच अभी पूरी नहीं हुई है.
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CBI को फोन के डेटा का इंतजार, जो कर सकता है कई खुलासे
इस मामले में CBI को कुछ अहम डिजिटल सबूतों की रिपोर्ट का भी इंतजार है. चार्जशीट के मुताबिक, ट्विशा के मुख्य मोबाइल फोन और iPhone से डेटा निकालने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण है. CBI ने अदालत को बताया है कि फोन से मिलने वाला डेटा आरोपियों के खिलाफ महत्वपूर्ण सामग्री सामने ला सकता है. इससे दूसरे लोगों की संभावित भूमिका का पता चल सकता है या मामले में नए गवाह भी सामने आ सकते हैं. पहली चार्जशीट दाखिल किए जाने तक iPhone की डेटा एक्सट्रैक्शन रिपोर्ट नहीं आई है. सीबीआई उसका इंतजार कर रही है.
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घर में लगे DVR की दिल्ली में की जा रही जांच
CBI की जांच में एक और महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत आरोपियों के घर में लगा DVR है. इस DVR से निकाले गए डेटा को फॉरेंसिक जांच के लिए नई दिल्ली स्थित CFSL भेजा गया है. CBI ने अदालत को बताया है कि अगर फॉरेंसिक रिपोर्ट में DVR के डेटा से किसी तरह की छेड़छाड़ सामने आती है तो उस पहलू की भी आगे जांच की जाएगी.
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