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एनालॉग पनीर, घी और खोया पर यूपी में बैन, मिलावट मिलने पर होगा लाइसेंस रद्द | UP bans analogue paneer ghee and khoya licenses to be cancelled if adulteration is found



यूपी में एनालॉग पनीर, क्रीम, घी, छेना और खोया को लेकर राज्य सरकार ने सख्ती दिखाई गई है. कई आदेश जारी किए हैं. इन आदेशों के तहत कई प्रतिबंध भी लगाए गए हैं.

राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि किसी भी डेयरी उत्पाद की प्रसंस्करण इकाई के परिसर हानिकारक रसायनों की मौजूदगी पाए जाने पर निर्माण इकाई में मौजूद सभी दूध उत्पादों को जब्त कर नष्ट कराया जाएगा.

बताया जा रहा है कि जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 34 के तहत यह आदेश जारी किया गया है और निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाएगा. इसके अलावा, बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा.

संबंधित फर्म के ब्रांड की बिक्री पर भी पूरे प्रदेश में प्रतिबंध लगाया जाएगा. साथ ही, ऐसे प्रतिष्ठान का फूड लाइसेंस खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य कारोबार का लाइसेंस एवं पंजीकरण) विनियम, 2011 के विनियम 2.1.8(4) के तहत तत्काल निलंबित किया जाएगा. अगर उत्तर प्रदेश के बाहर बने दूध और दूध उत्पादों में भी हानिकारक रसायन पाए गए तो संबंधित ब्रांड की बिक्री पर पूरे प्रदेश में प्रतिबंध लागू किया जाएगा.

मध्य प्रदेश में भी एनालॉग पनीर बेचने और इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है. इससे पहले गुजरात, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र भी ऐसी इस नकली पनीर पर रोक लग चुकी है.

क्या होता है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर ऐसा प्रॉडक्ट है, जो देखने और स्वाद में बिल्कुल पारंपरिक पनीर जैसा होता है. लेकिन इसे तैयार करने का तरीका अलग होता है. यह दूध से नहीं बल्कि वनस्पति तेल, दूध पाउडर, स्टार्च और दूसरी खाद्य सामग्री के इस्तेमाल से बनाया जाता है. कुछ खाद्य उद्योग, रेस्टोरेंट और प्रोसेस्ड फूड बनाने वाली कंपनियां लागत कम रखने और एक जैसी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इसका इस्तेमाल करती हैं.





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