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60 साल पुराना मुमताज का गाना, लाल साड़ी पहन झरने पर किया डांस, इसके 19 साल बाद आई थीं मंदाकिनी | 19 years before Mandakini actress Mumtaz performed a song on waterfall Asha Bhosle sang and the actress wore a red saree



नई दिल्ली:

झरने वाले फिल्मी गाने का जिक्र हो तो दिमाग में सबसे पहले मंदाकिनी का गाना याद आता है. राम तेरी गंगा मैली के एक गाने में मंदाकिनी ने ऐसे आइकॉनिक मोमेंट सेट किया इस सीन की बात करते ही उनका चेहरा जहन में आ जाता है. लेकिन ऐसा करने वाली मंदाकिनी पहली एक्ट्रेस नहीं थीं. इनसे पहले साल 1966 में मुमताज ने भी इसी तरह झरने पर एक गाना शूट किया था. ये  गाना मुमताज के लीड रोल वाली फिल्म ‘सावन की घटा’ में आया था. 

मुमताज के इस क्लासिक गाने के बोल हैं “आज कोई प्यार से दिल की बातें कह गया”. इस गाने को खास बनाने में आशा भोसले की खासी मेहनत थी क्योंकि उन्होंने ही इसे आवाज दी थी. आशा भोसले की आवाज में यह गाना बेहद मधुर और रोमांटिक है. ओ.पी.नय्यर का म्यूजिक अपनी खास धुन और लय के लिए जाना जाता है. गाने में मुमताज का झरने में डांस बहुत यादगार है, जिसमें प्राकृति की खूबसूरती और एक्ट्रेस की अदायगी इसे शानदार बनाती है.

सावन की घटा की कहानी

सावन की घटा एक म्यूजिकल रोमांटिक फिल्म है. इसे शक्ति सामंत ने डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया था. फिल्म की कहानी की बात करें तो पहाड़ी इलाके में एक कार एक्सीडेंट होता है. ब्रेक फेल होने से कार गिर जाती है और ड्राइवर की मौत हो जाती है. कार में एक छोटा बच्चा और रुपये-जेवरात से भरा सूटकेस होता है. दो गरीब मजदूर – बंसीलाल और शमशेर – यह सब देखते हैं. शमशेर सूटकेस लूट लेता है और बच्चे को मारना चाहता है ताकि कोई गवाह न रहे, लेकिन बंसीलाल बच्चे को बचा लेता है और उसको पालता है. वह बच्चे का नाम गोपाल रखता है.

शमशेर बाद में राणा बनकर रह जाता है और अपनी बेटी सीमा को अमीर माहौल में पालता है. बचपन में गोपाल और सीमा दोस्त बन जाते हैं, लेकिन राणा इस दोस्ती को नापसंद करता है और गोपाल को शहर भेजवा देता है.

https://www.youtube.com/watch?v=2llvSNkOFkM

कई साल बाद गोपाल (मनोज कुमार) वापस गांव आता है. वह सीमा (शर्मिला टैगोर) से फिर मिलता है और दोनों में प्यार हो जाता है. गांव की गोरी सलोनी (मुमताज) भी गोपाल से प्यार करती है. गोपाल को बताया जाता है कि बंसीलाल मर चुका है, लेकिन सलोनी कहती है कि उसने बंसीलाल का भूत देखा है. गोपाल सच जानने की कोशिश करता है.

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कहानी में प्रॉपर्टी, सौतेली मां, उसके भाई कैलाश (प्राण) की साजिशें और गोपाल के असली हक की लड़ाई शामिल है. आखिर में प्यार, सच और न्याय की जीत होती है. फिल्म में मानसून, पहाड़ और गांव के बैग्राउंड को बहुत सुंदर तरीके से दिखाया गया है.

यह फिल्म 1966 में रिलीज हुई थी और उस साल की सफल फिल्मों में शुमार हुई. ओ.पी. नय्यर के संगीत और आशा भोसले, मोहम्मद रफी जैसे गायकों के गीतों ने इसे और लोकप्रिय बनाया. “आज कोई प्यार से” गाना खास तौर पर मुमताज के डांस और आशा जी की आवाज के चलते आज भी पुराने फिल्मों के लवर्स की पसंद है.





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