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लॉन्च के 85 सेकेंड बाद जोरदार धमाका, आग का गोला बना चीन का बाहुबली रॉकेट- VIDEO | China rocket Blast in Air after launch fails Video of explosion of Long March 7A carrier rocket



आसमान में उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एक चीनी रॉकेट आग के गोले में बदल गया. सोमवार, 10 अगस्त को लॉन्च के कुछ ही देर बाद तेज धमाका हुआ और चीन का लॉन्ग मार्च-7A रॉकेट फट गया. इस रॉकेट के अंदर एक कम्युनिकेशन सैटेलाइट था, जिसे अंतरिक्ष में भेजा जाना था. लेकिन उड़ान के दौरान कुछ गड़बड़ी हुई और मिशन नाकाम हो गया. न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार चीन के सरकारी मीडिया ने इसे उड़ान में आई गड़बड़ी बताया है. हालांकि, सामने आए वीडियो में रॉकेट के हवा में ही फटने के मंजर दिखाई दे रहा है.

बता दें कि चीन पिछले कुछ सालों से अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम पर अरबों डॉलर खर्च कर रहा है. उसका टारगेट है कि वह अमेरिका को पीछे छोड़कर अंतरिक्ष के क्षेत्र में सबसे बड़ी ताकत बन जाए. चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग इसे चीन का अंतरिक्ष वाला सपना कहते हैं.

उड़ान के दौरान हुई गड़बड़ी

सोमवार को यह घटना चीन के दक्षिणी प्रांत हैनान में हुई. यहां के वनचांग स्पेस लॉन्च सेंटर से रात 8 बजकर 2 मिनट पर लॉन्ग मार्च-7A रॉकेट को लॉन्च किया गया. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, रॉकेट के अंदर झोंगशिंग-4बी संचार उपग्रह (कम्युनिकेशन सैटेलाइट) था. शिन्हुआ ने बताया कि उड़ान के दौरान रॉकेट में एक गड़बड़ी हुई. हालांकि, यह गड़बड़ी किस वजह से हुई, इसकी जांच की जा रही है.

सिंगापुर के चैनल न्यूजएशिया ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में दावा किया कि रॉकेट हवा में फट गया. चैनल ने घटनास्थल का वीडियो भी शेयर किया. इसमें बड़ी संख्या में लोग आसमान की ओर देखते नजर आ रहे हैं, जहां आग का एक बड़ा गोला दिखाई दे रहा है. हैनान के एक सोशल मीडिया अकाउंट से लॉन्च के कुछ घंटे बाद शेयर किए गए एक अन्य वीडियो में भी रॉकेट को उड़ान भरने के करीब 85 सेकंड बाद आग की लपटों में बदलते देखा गया. इसके बाद आसमान में धुएं का बड़ा गुबार दिखाई दिया और रॉकेट के टुकड़े जमीन की ओर गिरते नजर आए.

वनचांग से लॉन्ग मार्च-7A रॉकेट की पहली लॉन्चिंग साल 2020 में हुई थी. वह मिशन भी सफल नहीं रहा था. शिन्हुआ ने उस समय बताया था कि रॉकेट में खराबी आने के कारण लॉन्चिंग नाकाम हो गई थी.

चांद पर इंसान भेजने की तैयारी

चीन ने जुलाई में ही पहली बार एक ऐसे रॉकेट को सफलतापूर्वक वापस धरती पर उतारा था, जिसे दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है. चीन की अंतरिक्ष एजेंसी के मुताबिक यह उसके अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए बड़ी कामयाबी थी. ऐसे रॉकेटों का दोबारा इस्तेमाल होने से अंतरिक्ष में लॉन्च करने का खर्च कम करने में मदद मिल सकती है. चीन का लक्ष्य साल 2030 से पहले अपने अंतरिक्ष यात्रियों को चांद पर उतारना है. इस दौड़ में अमेरिका भी शामिल है और वह अपने आर्टेमिस कार्यक्रम के जरिए चांद पर इंसान भेजने की तैयारी कर रहा है.

SpaceX के सीईओ एलन मस्क ने सोमवार को रॉकेट की नाकाम लॉन्चिंग से जुड़ी एक पोस्ट पर एक्स पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि रॉकेट बनाना बहुत मुश्किल काम है. उन्होंने यह भी कहा, “उम्मीद है कि वे जल्द इस स्थिति से बाहर निकल जाएंगे.”

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