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आज है सावन शिवरात्रि, जानें व्रत में डायबिटीज मरीज क्या खाएं? ब्लड शुगर कंट्रोल रखने के टिप्स


Sawan Shivratri 2026:  आज यानि 11 अगस्त को सावन की शिवरात्रि है. आज सुबह 04:54 बजे से लेकर देर रात 01:52 बजे श‍िवभक्‍त महादेव श‍िव जलाभ‍िषेक कर सकते हैं. इस द‍िन बहुत से लोग सावन श‍िवरात्र‍ि का व्रत या उपवास भी रखते हैं.  शिवरात्रि का व्रत भगवान शिव के भक्त पूरे श्रद्धा भाव से रखते हैं. डायबिटीज के मरीजों के मन में भी हर साल यही सवाल आता है कि क्या वे भी यह व्रत रख सकते हैं?

अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में इसका जवाब हां होता है. हालांकि व्रत रखने का तरीका थोड़ा सोच-समझकर अपनाना जरूरी है. अगर खानपान, दवा, पानी और ब्लड शुगर की जांच जैसी कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए, तो डायबिटीज के मरीज भी सुरक्षित तरीके से शिवरात्रि का व्रत रख सकते हैं. आइए जानते हैं किन बातों का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है.

क्या डायबिटीज के मरीज महाशिवरात्रि का व्रत रख सकते हैं?

ज्यादातर मामलों में डायबिटीज के मरीज महाशिवरात्रि का व्रत रख सकते हैं, लेकिन इसके लिए कुछ सावधानियां जरूरी हैं. व्रत के दौरान खानपान, दवा, पानी और ब्लड शुगर की नियमित निगरानी का ध्यान रखना चाहिए. जिन लोगों का शुगर लेवल अक्सर असंतुलित रहता है या जो इंसुलिन लेते हैं, उन्हें व्रत शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. सही योजना के साथ व्रत रखना अधिक सुरक्षित हो सकता है.

शिवरात्रि व्रत में डायबिटीज मरीज क्या खाएं और क्या नहीं?

डायबिटीज मरीज फल, दही, दूध, मखाना, बादाम, मूंगफली और सीमित मात्रा में कुट्टू या साबूदाना खा सकते हैं. ये शरीर को ऊर्जा देने के साथ ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद कर सकते हैं. वहीं, बहुत ज्यादा मीठे फल, मिठाइयां, शक्करयुक्त पेय और अत्यधिक तले हुए व्रत वाले खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए. संतुलित मात्रा में भोजन करना सबसे महत्वपूर्ण है.

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शिवरात्रि व्रत में डायबिटीज मरीज क‍िन बातों का रखें ध्‍यान?

लंबे समय तक खाली पेट न रहें : डायबिटीज में बहुत देर तक खाली पेट रहने से ब्लड शुगर का संतुलन बिगड़ सकता है. अगर आपके व्रत में फलाहार की अनुमति है, तो तय समय पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में कुछ खाते रहें. इससे शरीर को लगातार ऊर्जा मिलती रहेगी.

फलाहार भी समझदारी से चुनें : व्रत में सिर्फ साबूदाना, आलू या मीठी चीजें ज्यादा खाने से बचें. फल, दही, दूध, मखाना, बादाम, मूंगफली और सीमित मात्रा में कुट्टू या साबूदाना जैसे विकल्प बेहतर रह सकते हैं. कोशिश करें कि एक साथ ज्यादा खाने की बजाय संतुलित मात्रा में खाएं.

पानी पीना न भूलें : ये बेहद जरूरी है कि आप खुद के शरीर को हाइड्रेट रखे. इसके दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें. शरीर में पानी की कमी होने पर ब्लड शुगर को संभालना भी मुश्किल हो सकता है.

डॉक्टर से सलाह लें : अगर आपका ब्लड शुगर अक्सर ऊपर-नीचे रहता है, आप इंसुलिन लेते हैं या हाल ही में दवा बदली गई है, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें. आपकी सेहत को देखते हुए दवा या खाने का सही तरीका बताया जा सकता है. कई लोग व्रत के कारण दवा छोड़ देते हैं या इंसुलिन की मात्रा खुद ही बदल देते हैं. ऐसा करना सही नहीं है. दवा या इंसुलिन में कोई भी बदलाव हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही करें.

ब्लड शुगर पर नजर बनाए रखें : व्रत के दौरान अगर कमजोरी, ज्यादा पसीना, हाथ कांपना, चक्कर, घबराहट या धुंधला दिखने जैसी परेशानी हो, तो तुरंत ब्लड शुगर जांचें. जरूरत महसूस हो तो व्रत तोड़ने में बिल्कुल संकोच न करें और डॉक्टर से संपर्क करें. आस्था के साथ अपनी सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है.

फास्टिंग के समय कब तुरंत ब्लड शुगर चेक करना जरूरी है?

यदि व्रत के दौरान अचानक कमजोरी, ज्यादा पसीना, हाथ कांपना, चक्कर आना, घबराहट, दिल की धड़कन तेज होना या धुंधला दिखना जैसी समस्याएं महसूस हों, तो तुरंत ब्लड शुगर की जांच करनी चाहिए. ये ब्लड शुगर के बहुत कम या ज्यादा होने के संकेत हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें और जरूरत पड़ने पर व्रत तोड़कर डॉक्टर की सलाह लेने में संकोच न करें.

डायबिटीज में लंबे समय तक खाली पेट रहने के क्या नुकसान हो सकते हैं?

डायबिटीज के मरीजों के लिए लंबे समय तक खाली पेट रहना जोखिम भरा हो सकता है. इससे ब्लड शुगर बहुत कम (हाइपोग्लाइसीमिया) या कभी-कभी बहुत ज्यादा भी हो सकता है. कमजोरी, चक्कर आना, पसीना आना, हाथ कांपना और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए यदि व्रत में फलाहार की अनुमति हो, तो थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पौष्टिक चीजें खाते रहना बेहतर माना जाता है.

व्रत के दौरान दवा और इंसुलिन को लेकर किन बातों का रखें ध्यान?

व्रत रखने का मतलब यह नहीं है कि आप अपनी दवा या इंसुलिन छोड़ दें. कई लोग बिना सलाह के दवा की मात्रा कम या ज्यादा कर लेते हैं, जो खतरनाक हो सकता है. यदि आप इंसुलिन लेते हैं या नियमित दवाएं लेते हैं, तो व्रत से पहले डॉक्टर से परामर्श लें. डॉक्टर आपकी सेहत और शुगर नियंत्रण के अनुसार दवा का सही समय और मात्रा तय कर सकते हैं.

शिवरात्रि का व्रत श्रद्धा का विषय है और डायबिटीज होने का मतलब यह नहीं कि आप इसे नहीं रख सकते. बस थोड़ी-सी सावधानी, सही खानपान और डॉक्टर की सलाह के साथ व्रत रखना ज्यादा सुरक्षित और आसान हो सकता है.

FAQ

क्या डायबिटीज के मरीज महाशिवरात्रि का व्रत रख सकते हैं?
ज्यादातर मामलों में हां, लेकिन डॉक्टर की सलाह और सही खानपान जरूरी है.

व्रत में डायबिटीज मरीज क्या खा सकते हैं?
फल, दही, दूध, मखाना, बादाम, मूंगफली और सीमित मात्रा में कुट्टू या साबूदाना.

क्या व्रत के दौरान इंसुलिन बंद कर देनी चाहिए?
नहीं, दवा या इंसुलिन में बदलाव केवल डॉक्टर की सलाह पर करें.

व्रत में ब्लड शुगर कितनी बार चेक करनी चाहिए?
डॉक्टर की सलाह अनुसार नियमित मॉनिटरिंग करें, खासकर कमजोरी या चक्कर आने पर.

ब्लड शुगर कम होने पर क्या करें?
तुरंत शुगर जांचें और जरूरत पड़ने पर व्रत तोड़कर चिकित्सकीय सलाह लें.
 




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