खबर

क्या UPI पेमेंट पर लगेगा चार्ज? PCI ने दूर की आम लोगों की सबसे बड़ी टेंशन, जानें हर सवाल के जवाब | UPI payments  Charges Explained Will you have to pay for UPI transactions PCI clears the confusion around new tax bill UPI MDR charges Rules



UPI Payments Charges: आजकल छोटी सी चाय से लेकर बड़े-बड़े बिल और ऑनलाइन शॉपिंग तक, ज्यादातर लोग पेमेंट के लिए UPI को ही पसंद करते हैं. ऐसे में UPI पर चार्ज लगने की खबर या चर्चा सामने आते ही लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठने लगे हैं. क्या अब UPI से पेमेंट करने पर पैसे देने होंगे? क्या दुकान या किराना स्टोर पर UPI से पेमेंट करने पर कोई एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा? अगर बड़े कारोबारियों से चार्ज लिया गया तो क्या उसका असर आम ग्राहक की जेब पर पड़ेगा?

UPI Charges को लेकर चल रही इसी चर्चा के बीच पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया (Payments Council of India) यानी PCI ने लोगों के मन में चल रहे सवालों के जवाब दिए हैं. PCI ने 7 अहम सवालों के जवाब देते हुए कहा है कि UPI ग्राहकों के लिए आगे भी फ्री रहेगा. यानी आम यूजर्स को UPI से पेमेंट करने के लिए कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं देना होगा. आइए जानते हैं PCI ने UPI चार्ज को लेकर क्या-क्या बाते कही हैं…

क्या UPI इस्तेमाल करने पर ग्राहकों को पैसे देने होंगे?

नहीं.पेमेंट काउंसिल ऑफ इंडिया  के मुताबिक, UPI की शुरुआत 2016 में हुई थी और तब से यह ग्राहकों के लिए फ्री है. आगे भी आम लोग बिना किसी ट्रांजैक्शन चार्ज के UPI से तुरंत डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे. यानी अगर आप किसी व्यक्ति को पैसे भेज रहे हैं या UPI के जरिए पेमेंट कर रहे हैं, तो इसके लिए आपसे अलग से चार्ज नहीं लिया जाएगा.

क्या छोटे दुकानदार और किराना स्टोर UPI लेने पर चार्ज देंगे?

नहीं. PCI ने साफ कहा है कि छोटे दुकानदारों, किराना स्टोर्स और छोटे कारोबारियों से UPI पेमेंट एक्सेप्ट करने पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट(Merchant Discount Rate)  यानी MDR चार्ज नहीं लिया जाता है. UPI को इस तरह तैयार किया गया है कि देश के छोटे से छोटे कारोबारियों के लिए भी डिजिटल पेमेंट आसान रहे. PCI के मुताबिक, छोटे कारोबारियों को पेमेंट एक्सेप्ट करने के खर्च से बचाना डिजिटल पेमेंट सिस्टम के समावेशी विकास (inclusive growth) का अहम हिस्सा है.

फिर UPI Charges को लेकर  क्यों हो रही है चर्चा?

दरअसल, UPI अब सिर्फ एक नया पेमेंट प्लेटफॉर्म नहीं रह गया है. यह दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बन चुका है और इसके जरिए हर महीने अरबों सिक्योर ट्रांजैक्शन  हो रहे हैं. ऐसे में इतनी बड़ी डिजिटल पेमेंट सिस्टम को चलाने के लिए टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड प्रिवेंशन और दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगातार खर्च होता है.इसी वजह से अब इस पूरे सिस्टम को लंबे समय तक बिना किसी रुकावट के चलाने और इसके  खर्च को मैनेज करने के तरीकों पर बात हो रही है. हालांकि PCI ने साफ किया है कि इसका बोझ आम ग्राहकों और छोटे दुकानदारों पर नहीं डाला जाएगा.

UPI को बनाने और चलाने में किसका निवेश है?

PCI के मुताबिक, UPI को तैयार करने और इसे लगातार बेहतर और सुरक्षित बनाने में पिछले करीब 10 साल से बैंकों, पेमेंट कंपनियों, फिनटेक कंपनियों, NPCI और RBI ने मिलकर निवेश किया है. इसमें टेक्नोलॉजी के साथ-साथ साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड रोकने की व्यवस्था, इनोवेशन और कस्टमर सपोर्ट जैसी चीजें शामिल हैं. ये निवेश लगातार जारी हैं, ताकि UPI 24×7 सुरक्षित, भरोसेमंद और आसानी से इस्तेमाल होने वाला पेमेंट सिस्टम बना रहे.

जब UPI पेमेंट फ्री है तो इसका खर्च कौन उठाता है?

UPI को चलाने के लिए सिर्फ पेमेंट करने की सुविधा देना ही काफी नहीं है. इसके पीछे टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी, फ्रॉड प्रिवेंशन, कंप्लायंस, कस्टमर सपोर्ट और लगातार होने वाला टेक्निकल इंवेस्टमेंट शामिल है. PCI के मुताबिक, फिलहाल इन खर्चों को बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर जैसे  नेटवर्क पार्टनर्स खुद उठा रहे हैं. इसका मकसद यही है कि ग्राहकों को सुरक्षित और सीमलेस डिजिटल पेमेंट एक्सपीरिएंस मिलता रहे और उन्हें UPI इस्तेमाल करने के लिए अलग से पैसे न देने पड़ें.

अगर बड़े व्यापारियों से चार्ज लिया गया तो क्या ग्राहकों को भी देना होगा?

नहीं. PCI ने इस बात को भी साफ कर दिया है कि अगर बड़े कारोबारियों से मर्चेंट सर्विस चार्ज लिया जाता है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि ग्राहक से UPI इस्तेमाल करने के पैसे लिए जाएंगे. जहां भी मर्चेंट सर्विस चार्ज  लागू होते हैं, वे मर्चेंट और  पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के बीच कमर्शियल एग्रीमेंट होते हैं. यानी किसी बड़े कारोबारी से पेमेंट एक्सेप्ट करने के लिए चार्ज लिया जाना और ग्राहक से UPI इस्तेमाल करने के लिए चार्ज लेना दो अलग-अलग बातें हैं. PCI ने कहा कि दुनियाभर में  डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में मर्चेंट सर्विस चार्ज नॉर्मल है, जबकि ग्राहक डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल आसानी से कर सकते हैं.

UPI को सुरक्षित और मजबूत बनाए रखना क्यों जरूरी है?

PCI के मुताबिक, आज UPI भारत के डिजिटल सिस्टम का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है और हर दिन करोड़ों लोग इसका इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में जैसे-जैसे UPI लेन-देन बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे सर्वर को 24×7 बिना रुकावट चालू रखने, ग्राहकों का डेटा सुरक्षित रखने, साइबर फ्रॉड को तुरंत रोकने और बेहतर कस्टमर सपोर्ट देने के लिए इसके नेटवर्क में लगातार निवेश की जरूरत  भी बढ़ेगी, ताकि  ग्राहकों और कारोबारियों के लिए आने वाले समय में भी UPI पूरी तरह सुरक्षित, भरोसेमंद और आसान बना रहे.

सरकार के नए बिल के बाद UPI चार्ज पर क्यों बढ़ी चर्चा?

UPI पर चार्ज लगने की चर्चा तब और तेज हो गई, जब लोकसभा में नया टैक्स संशोधन बिल (Taxation and Other Laws Amendment Bill, 2026)  पास हुआ. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए इस बिल को बिना किसी बहस के ध्वनि मत (वॉइस वोट) से पास कर दिया गया. इस नए बिल में पेमेंट सिस्टम से जुड़े पुराने कानूनों और इनकम टैक्स नियमों में जरूरी बदलाव किए गए हैं.

इस नए कानून के तहत सरकार को चुनिंदा डिजिटल पेमेंट तरीकों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने का अधिकार मिल गया है. इसके लागू होने पर 2,000 रुपये से ज़्यादा के  बिजनेस  UPI ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.4% तक चार्ज लग सकता है. हालांकि, आम लोगों के एक-दूसरे को किए जाने वाले लेन-देन (Person-to-Person UPI) पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा और यह पहले की तरह ही पूरी तरह फ्री रहेगा. इसके साथ ही, छोटे व्यापारियों और स्थानीय दुकानदारों को भी इस एक्स्ट्रा खर्च से दूर और सुरक्षित रखने की बात कही गई है.

क्या आम लोगों के लिए UPI पेमेंट फ्री रहेगा?

इसका सीधा मतलब यही है कि UPI से पेमेंट करने वाले आम ग्राहक को फिलहाल कोई चार्ज नहीं देना होगा. छोटे दुकानदार और किराना स्टोर भी UPI पेमेंट स्वीकार करने के लिए MDR नहीं देते हैं. अगर भविष्य में बड़े मर्चेंट पर कोई मर्चेंट सर्विस चार्ज लागू होता है, तो वह मर्चेंट और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के बीच  कमर्शियल होगा. PCI ने साफ किया है कि इसका मतलब यह नहीं है कि आम लोगों से UPI इस्तेमाल करने के पैसे लिए जाएंगे.
यानी UPI Charges को लेकर फिलहाल आम यूजर्स को घबराने की जरूरत नहीं है.

ये भी पढ़ें-  Tax Amendment Bill 2026: UPI, RTGS और NEFT समेत डिजिटल पेमेंट्स के लिए क्या-क्या बदलेगा? जानिए 10 बड़े अपडेट




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button