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JPSC-JSSC विवाद; संसद में गूंजेगा झारखंड परीक्षा का मुद्दा, निशिकांत दुबे बोले- CBI जांच की मांग करेंगे | jpsc jssc protest cbi inquiry demand nishikant dubey parliament exam row jharkhand vidhan sabha gherao Ranchi students Pradarshan andolan



देवघर:

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर उबल रहा छात्र आंदोलन अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों अभ्यर्थी JPSC, JSSC CGL और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. इसी बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने छात्रों के समर्थन में बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस मामले की CBI जांच कराने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा विवाद नहीं, बल्कि झारखंड के युवाओं के भविष्य का सवाल है. दूसरी ओर सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच बातचीत शुरू हो चुकी है, लेकिन फिलहाल कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है.

निशिकांत दुबे बोले, संसद में उठेगा मुद्दा

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को कहा कि झारखंड में भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा मामला बेहद गंभीर है और इसे संसद में प्रमुखता से उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि JPSC और JSSC जैसी संस्थाओं से जुड़ी कथित अनियमितताओं ने हजारों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है. ऐसे में दोषियों की जवाबदेही तय होना जरूरी है. दुबे ने कहा, “हम इस मुद्दे को संसद में उठा रहे हैं. यह झारखंड के बच्चों के भविष्य का सवाल है. हम कोशिश करेंगे कि इस मामले की CBI जांच कराई जाए.”

“किसी न किसी स्तर पर होगी निष्पक्ष जांच”

निशिकांत दुबे ने कहा कि चाहे अदालत का हस्तक्षेप हो, छात्रों का दबाव हो या आंदोलन का असर, लेकिन मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि जांच केवल वर्तमान विवाद तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ऐसी व्यवस्था बननी चाहिए जिससे भविष्य में किसी भर्ती परीक्षा में इस तरह की गड़बड़ी दोबारा न हो. बीजेपी सांसद ने आरोप लगाया कि झारखंड में लंबे समय से भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर सवाल उठते रहे हैं और अब युवाओं ने इसे बड़ा जनांदोलन बना दिया है.

सरकार और छात्रों के बीच हुई पहली औपचारिक बातचीत

इधर आंदोलन के बीच राज्य सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक वार्ता भी हुई. रांची स्थित राज्य अतिथि गृह में सरकार के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और छात्रों के 10 सदस्यीय दल के बीच बैठक हुई. बैठक के बाद छात्र नेता पीयूष कुमार ने कहा कि सरकार को उनकी सभी प्रमुख मांगों से विस्तार से अवगत कराया गया है. मंत्रियों ने उनकी बातें सुनीं और विचार करने का आश्वासन दिया है. हालांकि छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मुख्य मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.

10 अगस्त को विधानसभा घेराव पर अड़े छात्र

छात्र नेताओं ने साफ कर दिया है कि 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम रद्द नहीं किया जाएगा. पीयूष कुमार ने कहा कि आंदोलन चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा और जब तक अंतिम मांग पूरी नहीं होती, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. छात्रों की प्रमुख मांगों में परीक्षा रद्द करना, निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रणाली में सुधार शामिल हैं.

CM हेमंत सोरेन ने दिया संवाद का भरोसा

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी छात्रों से संवाद की अपील की है. उन्होंने कहा कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है और छात्रों की समस्याओं को समझना चाहती है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल स्टेडियम तक सीमित चर्चा नहीं चाहती, बल्कि छात्रों की भावनाओं और अपेक्षाओं को समझते हुए व्यापक सुधारों की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक सुधारों पर काम किया जाएगा.

बंद कमरे में नहीं; मीडिया की मौजूदगी में बातचीत की मांग

JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच की ओर से गठित प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से मांग की है कि आगे की बातचीत मीडिया की मौजूदगी में हो. आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि पहले भी बंद कमरे में हुई चर्चाओं का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला. इसलिए इस बार पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए ताकि छात्रों और जनता के बीच किसी तरह का भ्रम न रहे.

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