

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जंतर-मंतर प्रदर्शन करने वाले कुछ नौजवान छात्रों से मुलाकात की है. उस मुलाकात के बाद उन्होंने दो टूक कहा है कि इन छात्रों को माफी मांगने की कोई जरूरत नहीं है, उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है. राहुल गांधी ने इस बात पर भी जोर दिया कि उन्हें इन सभी प्रदर्शनकारियों पर गर्व है क्योंकि इन्होंने भारत के भविष्य के लिए संघर्ष किया.
राहुल गांधी ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने कहा कि जो हमारे युवा प्रदर्शनकारी हैं, उनके साथ मेरी मीटिंग हुई थी और हमारे बीच बातचीत हुई. सबसे पहले मैं इनके जैसे जो हजारों युवा हैं, इनका और उनका धन्यवाद करना चाहता हूं कि ये शिक्षा प्रणाली के लिए लड़े, संविधान के लिए लड़े और भारत के भविष्य के लिए लड़े. हमारे बीच मुख्य बातचीत हिंसा को लेकर हुई. इनका कहना है कि इन्होंने किसी पर हिंसा नहीं की मगर इनका लगातार उत्पीड़न हो रहा है, इनको धमकाया गया, इन पर लाठियां चलाई गईं और इनको मारा गया.
राहुल ने आगे कहा कि इन्होंने मुख्य बात कही कि जब अन्याय होता है, चाहे वो किसी और पर भी हो, एक नागरिक होने के नाते हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम उस आदमी की हम रक्षा करें…आपने कुछ भी गलत नहीं किया है और आपकी माफी स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता है. आपको किसी से माफी मांगने की जरूरत नहीं है. आपने कुछ भी गलत नहीं किया.
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
इससे पहले एक किताब के विमोचन के दौरान भी राहुल गांधी ने छात्रों का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा था कि देश में बड़ी संख्या में युवा रोजगार और परीक्षा प्रणाली से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं. कई छात्र निष्पक्ष परीक्षाओं और बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं. उन्होंने कहा कि युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि वही देश का भविष्य हैं. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए.





