

नई दिल्ली:
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में अदालत का फैसला आ गया है. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को महिला पहलवानों के साथ यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में बृजभूषण शरण सिंह को बरी कर दिया. पीड़ित के बयानों में विरोधाभास पाया गया और आरोप 10 साल पुराने थे. आरोप जिस जगह से जुड़े थे, उस जगह की लोकेशन पीड़िता और आरोपी की लोकेशन से मेल नहीं खाई. नाबालिग पहलवान ने अपने आरोप वापस ले लिए थे. इसके अलावा, 2 और पहलवानों ने अपने बयान कोर्ट में नहीं दर्ज कराए थे.
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क्या है पूरा मामला?
बृजभूषण शरण सिंह से जुड़ा यह मामला साल देश की महिला पहलवानों से संबंधित है. साल 2023 में जंतर-मंतर पर पहलवानों ने विरोध प्रदर्शन किया था. महिला पहलवानों ने तत्कालीन WFI प्रमुख बृजभूषण पर कई सालों तक यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था.
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मई 2024 में कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आरोप तय किए थे, क्योंकि कोर्ट का मानना था कि आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त शुरुआती सबूत मौजूद थे. अदालत में अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि छह शिकायतकर्ताओं के बयान भरोसेमंद और एक जैसे थे और उनसे यौन उत्पीड़न का आरोप बिना किसी उचित संदेह के साबित होता था.
बचाव पक्ष ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए मामले को मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया. इसके साथ ही, कथित देरी और सबूतों की पुष्टि न होने का हवाला देते हुए बरी करने की मांग की.





