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2030 तक 5G यूजर्स के मामले भारत मारेगा बाजी, 6G टेक्नोलॉजी पर भी बोले सिंधिया, जानें क्या है आगे का प्लान | india-100-crore-5g-users-by-2030-6g-vision-jyotiraditya-scindia



भारत तेजी से डिजिटल बदलाव की ओर बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में देश 5G और 6G तकनीक के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सकता है. केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि वर्ष 2030 तक भारत में 100 करोड़ लोगों को 5G तकनीक से जोड़ने का लक्ष्य है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत केवल 5G के विस्तार पर ही नहीं, बल्कि 6G तकनीक के वैश्विक विकास में भी अग्रणी भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा है.

देश में 50 करोड़ लोग पहले ही इस्तेमाल कर रहे हैं 5G

एक कार्यक्रम में बोलते हुए सिंधिया ने कहा कि देश में करीब 50 करोड़ लोग पहले ही 5G सर्विस का इस्तेमाल कर रहे हैं. उनके मुताबिक यह संख्या यूरोप की कुल आबादी के बराबर है. उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में 5G यूजर्स की संख्या दोगुनी होकर 100 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है.

मोबाइल और इंटरनेट हुआ पहले से ज्यादा सस्ता

सिंधिया ने कहा कि आज भारत में 1.33 अरब लोगों के हाथों में मोबाइल फोन है. उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक में मोबाइल डेटा की कीमत में 97 प्रतिशत की गिरावट आई है. उनके अनुसार पहले जहां 1GB डेटा की कीमत करीब 287 रुपये थी, वहीं अब यह घटकर करीब 8 रुपये प्रति GB रह गई है. सस्ता डेटा और बेहतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर देश में हाई-स्पीड इंटरनेट के तेजी से विस्तार की बड़ी वजह बने हैं.

उन्होंने कहा कि जब तकनीक हर नागरिक तक पहुंचती है तो अवसर पैदा होते हैं और जब अवसर हर व्यक्ति तक पहुंचते हैं तो बदलाव अपने आप आता है.

6G में दुनिया का नेतृत्व करने की तैयारी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत अब भविष्य की तकनीकों पर पहले से ही काम कर रहा है और सरकार की कोशिश है कि देश 6G तकनीक के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करे.

उन्होंने बताया कि भारत इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) और 3rd जनरेशन पार्टनरशिप प्रोजेक्ट Project (3GPP) जैसे वैश्विक संगठनों के साथ मिलकर 6G के अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड तय करने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी कर रहा है. सिंधिया के मुताबिक Bharat 6G Alliance के जरिए भारत ऐसी तकनीकों के विकास में योगदान देने की तैयारी कर रहा है, जो पहले संभव नहीं था.

6G से जुड़ेगी फिजिकल और डिजिटल दुनिया

सिंधिया ने कहा कि 6G तकनीक के जरिए फिजिकल दुनिया, डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को कंबाइन्ड करके एक नया इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा. उनके अनुसार यह तकनीक भविष्य में डिजिटल सेवाओं को और अधिक तेज, स्मार्ट और प्रभावी बनाएगी.

UPI, Aadhaar और DigiLocker की दुनिया में बढ़ रही पहचान

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चरअब दुनिया के कई देशों के लिए उदाहरण बन रहा है. उन्होंने बताया कि UPI, Aadhaar और DigiLocker जैसे भारतीय डिजिटल प्लेटफॉर्म को कई देश अपना रहे हैं या उनकी स्टडी कर रहे हैं. इससे वैश्विक डिजिटल इनोवेशन में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है.

सिंधिया ने कहा कि तकनीक का उद्देश्य केवल नई सुविधाएं देना नहीं है, बल्कि हर नागरिक के जीवन को बेहतर बनाना है. जब नई चीज समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचती है, तभी सबका विकास संभव होता है.

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