

वाशिंगटन:
पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है. अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार को मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैन्य बलों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से “सरप्राइज अटैक” करने की कोशिश की. हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, सभी मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर दिया गया और किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ. यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ताएं जारी हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही बातचीत विफल होने पर फिर से सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दे चुके हैं.
CENTCOM का दावा, सभी मिसाइलें रोकी गईं
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि भारतीय समयानुसार मंगलवार देर रात ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी बलों को निशाना बनाते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. CENTCOM के अनुसार, यह एक “अचानक हमला” करने की कोशिश थी, लेकिन अमेरिकी वायु रक्षा प्रणालियों ने सभी मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर दिया. कमांड ने कहा कि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क है और उच्च स्तर की तैयारियों में बनी हुई है.
At 5:45 p.m. ET today, Islamic Revolutionary Guard Corps forces launched multiple ballistic missiles from Iran in an attempted surprise attack on U.S. forces based in the Middle East. All Iranian missiles were successfully intercepted. U.S. forces remain vigilant and at a high…
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 28, 2026
जॉर्डन के अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाने की रिपोर्ट
अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस (Axios) की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले सप्ताह डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ प्रस्तावित हमले रोकने के बाद यह अमेरिका के क्षेत्रीय सैन्य ठिकानों पर पहला बड़ा हमला माना जा रहा है. हालांकि इस हमले में किसी जान-माल के नुकसान की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है.
🔴🇺🇸🇮🇷MORE INFO: Several ballistic missiles are being launched from Khomein, Markazi Province, and other parts of central Iran.
Interceptions are being heard/seen in the Jordanian skies, with Muffaq Salti Air Base being the primary target.
I’ll keep posting updates! pic.twitter.com/0fXD2JpLhe
— BeamTracker | Military OSINT (@BeamTracker_) July 28, 2026
कुवैत और कतर ने की निंदा
हमले के बाद खाड़ी देशों ने भी प्रतिक्रिया दी. कुवैत के विदेश मंत्रालय ने जॉर्डन को निशाना बनाने वाली कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा बताया. कतर ने भी बयान जारी कर कहा कि जॉर्डन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है. दोनों देशों ने जॉर्डन के प्रति पूर्ण समर्थन और एकजुटता जताई.
ट्रंप-नेतन्याहू बैठक के कुछ घंटे बाद हुआ हमला
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ उच्चस्तरीय बैठक की. बताया गया कि बैठक में ईरान, क्षेत्रीय सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम प्रमुख मुद्दों में शामिल थे. इसके कुछ घंटे बाद ही मिसाइल हमले की खबर सामने आई.
ट्रंप ने दी थी नई सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
हमलों से पहले ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा था कि यदि ईरान अमेरिका के साथ समझौते पर नहीं पहुंचता है तो सैन्य कार्रवाई फिर शुरू की जा सकती है. उन्होंने कहा था कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ईरान के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, जैसे पुलों और बिजली संयंत्रों को भी निशाना बना सकता है. ट्रंप ने कहा, “अगर समझौता नहीं हुआ तो हम फिर लौटेंगे और काम पूरा करेंगे.”
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