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सूरज में निकला उम्मीद से ज्यादा चांदी, वैज्ञानिकों की नई स्टडी में बड़ा खुलासा | Scientists Find Sun Has 55 Percent More Silver Than Previously Estimated Study Reveals



Solar System Mystery: सूरज को लेकर हम जितना जानते हैं, उससे कहीं ज्यादा रहस्य इसके सीने में दबे पड़े हैं. सालों से दुनिया भर के एस्ट्रोनॉमर (Astronomer) इस बात से परेशान थे कि सूरज में चांदी की मात्रा इतनी कम क्यों दिखती है. स्पेस की पुरानी थ्योरी के हिसाब से सूरज में चांदी ज्यादा होनी चाहिए थी, लेकिन जब भी जांच होती थी, तो आंकड़े उम्मीद से बहुत कम आते थे. अब एक नई सुपरकंप्यूटर स्टडी ने इस रहस्य से पर्दा उठा दिया है.

सूरज में कहां से आई चांदी (Silver In Sun And Physics Mystery)

Space.com की रिपोर्ट के अनुसार, सालों से एस्ट्रोनॉमर सूरज से जुड़े एक अजीब रहस्य को लेकर उलझन में थे. स्टडीज से पता चला था कि सूरज में उम्मीद से बहुत कम सिल्वर है, लेकिन नई रिसर्च से संकेत मिलता है कि गायब सिल्वर शायद हमेशा से वहीं था, बस लाइट के बिहेवियर के कारण छिपा हुआ था. ये नतीजे ‘एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स’ जर्नल में पब्लिश हुए थे. 

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सूरज का करीब 98.5 प्रतिशत हिस्सा हाइड्रोजन और हीलियम गैस से बना है. बाकी बचे बेहद छोटे हिस्से में चांदी जैसे भारी तत्व मौजूद होते हैं. वैज्ञानिकों (Space Scientists) का मानना है कि ब्रह्मांड (Universe) में चांदी का कंस्ट्रक्शन (Construction) तब होता है, जब कोई बहुत बड़ा तारा सुपरनोवा विस्फोट के साथ खत्म होता है. हमारी धरती और सूरज जिस प्राचीन उल्कापिंड की धूल से बने हैं, उसमें चांदी का स्तर अलग था और सूरज के प्रकाश में इसका स्तर अलग दिखता था.

सुलझ गई सालों पुरानी गुत्थी (Supercomputer Simulation Solves The Mystery)

बेल्जियम की यूनिवर्सिटी ऑफ लीज की शोधकर्ता सेमा कालिसकन और उनकी टीम ने स्वीडन के टेट्रालिथ सुपरकंप्यूटर का इस्तेमाल किया. उन्होंने चांदी के एटॉम्स (Atoms) का एक बेहद बारीक मॉडल तैयार किया. इस मॉडल में लाइट के एब्नार्मल बिहेवियर को शामिल किया गया. वैज्ञानिकों को उम्मीद थी कि सूरज में चांदी की मात्रा उतनी ही होगी जितनी पुराने CI कॉन्ड्राइट मेटोराइट में पाई जाती है. ये मेटोराइट उसी मटीरियल से बने थे, जिससे लगभग 4.6 अरब साल पहले सूरज बना था. हालांकि, सूरज की रोशनी के ऑब्जर्वेशन से बार-बार पता चला कि चांदी का लेवल बहुत कम है. रिसर्च में पाया गया कि लाइट अब्सॉर्ब के खास तरीके की वजह से टेलीस्कोप को चांदी कम दिखाई दे रही थी, जबकि असल में सूरज में 55 प्रतिशत ज्यादा चांदी मौजूद है.

तारों और गैलेक्सी का इतिहास समझने में मिलेगी मदद (Understanding Cosmic Evolution Through Elements)

वैज्ञानिकों का कहना है कि ये खोज सिर्फ सूरज तक सीमित नहीं है. तारों में मौजूद चांदी जैसी धातुओं का अध्ययन करके ये समझा जा सकता है कि गैलक्सी (Galaxy) यानी मिल्क वे (Milky Way) का विकास कैसे हुआ. इस नए तरीके से अब यूनिवर्स के दूसरे तारों में भी छिपी हुई मेटल्स का सही आंकड़ा निकाला जा सकेगा.

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