खबर

शिक्षा के मंदिर में ‘छुआछूत’! पानी की बोतल छूने पर टीचर ने 8 साल के मासूम को बेरहमी से पीटा, FIR दर्ज | shivpuri school teacher caste discrimination case sc st act student beaten untouchability mp



मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था और समाज दोनों के सामने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आरोप है कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले एक 8 वर्षीय छात्र ने प्यास लगने पर शिक्षक की पानी की बोतल से पानी पी लिया. बस इसी बात से नाराज शिक्षक ने कथित तौर पर बच्चे की डंडे से पिटाई कर दी और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसका अपमान भी किया. मामला सामने आने के बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.

यह मामला शिवपुरी जिले की कोलारस तहसील के उकावल गांव स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय का है. जानकारी के अनुसार, कक्षा 4 में पढ़ने वाला 8 वर्षीय छात्र रोज की तरह स्कूल पहुंचा था. पढ़ाई के दौरान उसे प्यास लगी, जिसके बाद उसने कक्षा में रखी शिक्षक की पानी की बोतल से पानी पी लिया. बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया और शिक्षक का गुस्सा मासूम छात्र पर उतर आया.

पानी पीने पर भड़का शिक्षक

परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, शिक्षक लोकेश शर्मा को यह बात पसंद नहीं आई कि छात्र ने उनकी बोतल को हाथ लगाया. आरोप है कि शिक्षक ने बच्चे को डांटने के साथ-साथ जातिसूचक शब्द भी कहे. इतना ही नहीं, आरोप है कि शिक्षक ने “मेरी बोतल को हाथ लगाने की हिम्मत कैसे हुई” कहते हुए छात्र की डंडे से पिटाई कर दी.  

रोते हुए घर पहुंचा मासूम

मारपीट के बाद छात्र जब घर पहुंचा तो वह काफी डरा हुआ था. उसने परिजनों को पूरी घटना बताई. बच्चे की बात सुनकर परिवार के लोग हैरान रह गए. परिजनों का कहना है कि एक छोटे बच्चे के साथ सिर्फ पानी पीने की वजह से ऐसा व्यवहार किया जाना बेहद गंभीर मामला है. इसके बाद परिवार ने कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया और पुलिस के पास पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई.

पुलिस ने दर्ज की FIR

पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर कोलारस थाना क्षेत्र की लुकवासा चौकी पुलिस ने आरोपी शिक्षक लोकेश शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(ए) और धारा 115(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया. इसके अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध) और 3(2)(व्हीए) के तहत भी कार्रवाई की.

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी है. शिकायत, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे. घटना सामने आने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है. स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल बच्चों को शिक्षा और समानता का संदेश देने की जगह होते हैं, ऐसे में इस तरह के आरोप बेहद चिंताजनक हैं.





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button