

पटना:
Viral Video: बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा, गिरफ्तारियों और राजनीतिक विवादों के बीच एक भावुक वीडियो ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. वीडियो में पुलिस वैन में बैठा एक युवक अपनी रोती-बिलखती मां को ढांढस बंधाते हुए दिखाई देता है. गिरफ्तारी के बावजूद युवक अपनी चिंता छोड़ मां का हाल पूछता है और कहता है, “क्या आपने सुबह से कुछ खाया है?” इसके बाद वह मां को भरोसा दिलाता है कि उसे कुछ नहीं होगा. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और आंदोलन की घटनाओं के बीच एक अलग तस्वीर पेश कर रहा है. गिरफ्तार हुआ यह युवा अभी भी जेल में ही है.
मां के आंसुओं के बीच बेटे ने दिखाई हिम्मत
बताया जा रहा है कि यह वीडियो पटना का है, जहां 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान हुई हिंसा के बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था. देर रात पुलिस गिरफ्तार लोगों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने ले जा रही थी. इसी दौरान पुलिस वैन में बैठे एक युवक की नजर बाहर खड़ी उसकी मां पर पड़ी. मां बेटे की गिरफ्तारी से बेहद परेशान थीं और लगातार रो रही थीं. वायरल वीडियो में युवक अपनी मां से कहता सुनाई देता है, “आप चिंता मत करो, मुझे कुछ नहीं होगा. आपने सुबह से कुछ खाया है?” बेटे की यह बात सुन आसपास मौजूद लोग भी भावुक हो गए. अभी तक यह लड़का जेल में ही है.
बिहार बंद के दौरान भड़की थी हिंसा
25 जुलाई को विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के छात्र विंग द्वारा आयोजित आंदोलन के दौरान बिहार के कई जिलों में हिंसक घटनाएं सामने आई थीं. पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी, तोड़फोड़, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर हमले की घटनाएं हुईं. कई स्थानों पर हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा.
694 लोगों को हिरासत में लिया गया
बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार राज्यभर में कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया. इनमें बड़ी संख्या में छात्र और नाबालिग शामिल थे. जांच और सत्यापन के बाद 339 छात्रों एवं नाबालिगों को रिहा कर दिया गया, जबकि 355 लोगों को कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया गया. पुलिस ने बताया कि हिंसक घटनाओं में भूमिका की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.
91 पुलिसकर्मी भी हुए घायल
पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार आंदोलन के दौरान 91 पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए. घायलों में सिवान और सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक, दो एसडीपीओ और कई थाना प्रभारी भी शामिल हैं. गांधी मैदान थाने के प्रभारी को गंभीर चोटें आने की जानकारी दी गई है. इसके अलावा 14 सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए और एक सरकारी वाहन को आग के हवाले कर दिया गया. विभिन्न घटनाओं में 13 नागरिकों के घायल होने की भी सूचना है.
सरकार ने दिया राहत का संकेत
नीट-यूजी परीक्षा में अनियमितताओं और छात्र आंदोलनों को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने घोषणा की है कि 26 जुलाई शाम 6 बजे से पहले हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में दर्ज एफआईआर, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इसके साथ ही गिरफ्तार और निरुद्ध लोगों को जल्द रिहा करने का भी निर्णय लिया गया है.
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