खबर

नीट विरोध-प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ पोस्टर दिखाने पर महिला पर FIR, उमर खालिद-शरजील इमाम के समर्थन में लगाए नारे | bengaluru neet protest fir registered against woman for umar khalid sharjeel imam posters



बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में नीट परीक्षा और दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध-प्रदर्शन के दौरान माहौल बिगाड़ने की कोशिश का मामला सामने आया है. उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन वाले पोस्टर लहराने पर पुलिस ने एक अज्ञात युवती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के ऐतिहासिक फ्रीडम पार्क में आयोजित एक छात्र आंदोलन के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भीड़ के बीच एक युवती ने अचानक विवादित पोस्टर लहराने शुरू कर दिए. आरोप है कि नीट परीक्षा में धांधली और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन में देशद्रोही गतिविधियों के आरोपियों के समर्थन में पोस्टर दिखाए गए. बेंगलुरु पुलिस ने लोक शांति भंग करने और उकसाने की नीयत से किए गए इस कृत्य के आरोप में एक अज्ञात युवती के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है.

क्या है पूरा मामला?

घटना 24 जुलाई की है. कर्नाटक विद्यार्थी संगठने (KVS) के बैनर तले फ्रीडम पार्क में एक विशाल विरोध-प्रदर्शन का आयोजन किया गया था. इस प्रदर्शन में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) समेत कई संगठनों के लगभग 1,000 से 1,500 छात्र शामिल हुए थे. छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और दिल्ली में पुलिस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा कर रहे थे.

इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस सब-इंस्पेक्टर सुलोचना ने देखा कि भीड़ में मौजूद एक अज्ञात युवती हाथों में भड़काऊ स्लोगन वाले पोस्टर लिए खड़ी थी. पोस्टरों पर “उमर खालिद जिंदाबाद”, “शरजील इमाम जिंदाबाद” और बेंगलुरु पुलिस के खिलाफ अभद्र भाषा (“बेंगलुरु पुलिस उखाड़ ले”) का इस्तेमाल किया गया था.

भीड़ का फायदा उठाकर छिपाई गई सामग्री

पुलिस शिकायत के मुताबिक, जैसे ही महिला पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल उस युवती को हिरासत में लेने और पोस्टर जब्त करने के लिए आगे बढ़े, प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने उसे ढाल बना लिया. आरोप है कि अन्य प्रदर्शनकारियों ने मिलकर उन विवादित पोस्टरों को छिपा दिया, जिसके कारण भारी भीड़ के बीच से उन्हें तुरंत बरामद नहीं किया जा सका.

CCTV फुटेज से पहचान में जुटी पुलिस

घटना को गंभीरता से लेते हुए फ्रीडम पार्क में लगे सीसीटीवी कैमरों और पुलिस के वीडियोग्राफर्स द्वारा रिकॉर्ड की गई फुटेज की गहन जांच की गई. वीडियो साक्ष्यों के आधार पर यह पुष्टि हुई है कि युवती ने योजनाबद्ध तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन में तनाव पैदा करने के मकसद से ये पोस्टर प्रदर्शित किए थे.





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button