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धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा या नहीं इसे प्रधानमंत्री तय करेंगे: प्रकाश जावड़ेकर | Prime Minister will decide whether there will be a resignation or not: Prakash Javadekar



दिल्ली में जारी छात्रों के प्रदर्शन के बीच सरकार ने कई सख्त कदम उठाए हैं. लेकिन प्रदर्शन कर रहे छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं. इस बीच NDTV ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और बीजेपी नेता प्रकाश जावड़ेकर से बात की. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होगा या नहीं इसे प्रधानमंत्री तय करेंगे. उन्होंने कहा कि स्थिति अब पटरी पर लौट रही है. प्रधानमंत्री ने देश को आश्वस्त किया है कि पेपर लीक जैसे मामलों से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट लाए जाएंगे और कानून में जरूरी सुधार किए जाएंगे.

‘PM ने किया है देश को आश्वस्त’

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार के लिए युवा हमेशा महत्वपूर्ण रहे हैं और यह युवाओं की ही पार्टी है. इस पूरे मामले में मूल मुद्दा यह है कि प्रधानमंत्री ने स्वयं देश को आश्वस्त किया है. कल रात उन्होंने छात्रों से वीडियो संदेश के माध्यम से भी अपील की है, जो बहुत महत्वपूर्ण है.

उन्होंने आगे कहा कि हमारे दो मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की, बातचीत की और उसके बाद उनका अनशन भी समाप्त हुआ. इसलिए मुझे लगता है कि स्थिति अब पटरी पर लौट रही है. मोदी जी के नेतृत्व में किसी के साथ अन्याय नहीं होगा.

‘संवाद से ही निकलता है आंदोलन का समाधान’

छात्रों के आंदोलन पर प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि किसी भी आंदोलन का समाधान संवाद से ही निकलता है. सरकार ने वही रास्ता अपनाया है. नड्डा आंदोलनकारियों से मिलने जा रहे हैं, उनके बीच जाकर बातचीत कर रहे हैं. इससे ज्यादा सरकार क्या कर सकती है? लेकिन बातचीत से पहले धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे जैसी पूर्व शर्त रखना उचित नहीं है. यह संवाद की भावना के अनुरूप नहीं है. मुझे विश्वास है कि बातचीत जारी रहेगी और समाधान निकलेगा.’

उन्होंने आगे कहा,’जहां तक इस्तीफों की बात है, अतीत में जिन मंत्रियों ने इस्तीफा दिया, वहां उनकी भूमिका स्पष्ट रूप से सामने आई थी. उदाहरण के लिए, अश्विनी कुमार के मामले में कानून मंत्री के तौर पर उनके कार्यालय में बैठकर सीबीआई रिपोर्ट में बदलाव किए जाने की बात सामने आई थी. जब वह तथ्य सामने आए तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ा.

‘विपक्ष का रवैया हताशा जैसा’

विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘विपक्ष का रवैया मुझे एक तरह की हताशा लगता है. वे किसी भी तरह सत्ता में आना चाहते हैं, लेकिन उन्हें जनता का विश्वास नहीं मिल रहा है. पहले उन्होंने नीट पर चर्चा की मांग की, जिसे सरकार ने स्वीकार भी किया. अब वही विपक्षी दल चर्चा से बचते नजर आ रहे हैं.’

‘धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा का फैसला PM लेंगे’

उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का फैसला प्रधानमंत्री और उनकी टीम का विषय है. सरकार ने सोनम वांगचुक को क्या आश्वासन दिया, इसकी मुझे पूरी जानकारी नहीं है. लेकिन शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर एफआईआर न हो, यह हमारी हमेशा से भूमिका रही है. वहीं, जो असामाजिक तत्व हिंसा करते हैं, पुलिसकर्मियों पर हमला करते हैं और उन्हें घायल करते हैं, उन्हें शांतिपूर्ण आंदोलन का हिस्सा नहीं माना जा सकता.

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