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अगला प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा? जानें सही तिथि और प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त | Ravi Pradosh Vrat Date July mai Pradosh Vrat Kab hai



भगवान शिव की कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत को बहुत शुभ माना जाता है. हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष महत्व है. मान्यता है कि जो श्रद्धालु सच्चे मन से प्रदोष व्रत रखते हैं और प्रदोष काल में भगवान शिव तथा माता पार्वती की पूजा करते हैं, उनके जीवन की सारी परेशानियां दूर लगती हैं. साथ ही घर-परिवार में सुख, शांति और खुशहाली बनी रहती है. हर महीने दो प्रदोष व्रत आते हैं. जुलाई महीने का पहला प्रदोष व्रत बीत चुका है. अब भक्तों को महीने के दूसरे प्रदोष व्रत का इंतजार है. आइए जानते हैं कि जुलाई का दूसरा प्रदोष व्रत कब रखा जाएगा और पूजा का शुभ समय क्या रहेगा.

जुलाई का दूसरा प्रदोष व्रत कब है?

वैदिक पंचांग के अनुसार, जुलाई महीने का दूसरा प्रदोष व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाएगा. त्रयोदशी तिथि 26 जुलाई को दोपहर 1 बजकर 57 मिनट पर शुरू होगी, इसका समापन 27 जुलाई को शाम 4 बजकर 14 मिनट पर होगी. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, व्रत 26 जुलाई 2026, रविवार के दिन रखा जाएगा. रविवार के दिन पड़ने पर इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाएगा.

प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त

प्रदोष व्रत में सबसे अधिक महत्व प्रदोष काल का माना जाता है. इस दौरान भगवान शिव की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है. 26 जुलाई को प्रदोष काल शाम 7 बजकर16 मिनट से रात 9 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी समय शिवलिंग का जलाभिषेक, दीप प्रज्वलित करना, मंत्रों का जाप और भगवान शिव का ध्यान करना सबसे फलदायी माना जाता है.

धार्मिक विश्वास है कि प्रदोष काल में की गई पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. परिवार में सुख-शांति बनी रहती है, मानसिक तनाव कम होता है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. एनडीटीवी इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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