

इसे आप समुद्र के सबसे खतरनाक शिकारी के रूप में जानते हैं लेकिन आप शायद इसे सच में नहीं जानते. हम बात कर रहे हैं शार्क की, जिसे लेकर हमारी ज्यादातर सोच फिल्मों और डरावनी कहानियों से बनी है. लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है. इस विशाल समुद्री जीव से जुड़े कुछ ऐसे हैरान करने वाले राज हैं, जिन्हें जानकर शायद आप भी कहेंगे कि ये कैसे हो सकता है. शार्क की दुनिया में ऐसी कई बातें छिपी हैं, जो विज्ञान को भी दिलचस्प बनाती हैं. आइए जानते हैं शार्क से जुड़े 5 ऐसे अनसुने और चौंकाने वाले तथ्य, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं.
1- शार्क मैथ्स कर सकती हैं
वैसे तो अक्सर शार्क को बिना दिमाग वाले शिकारी के तौर पर देखा जाता है, लेकिन विज्ञान बताता है कि वे असल में काफी समझदार और तेजी से सीखने वाली होती हैं. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार शार्क थोड़ी अलग आवाजों, साथ ही अलग-अलग एब्स्ट्रैक्ट पैटर्न और कलरफुर जियोमेट्रिक आकृतियों में फर्क कर सकती हैं. इससे जुड़ा एक फेमस एक्सपेरिमेंट भी है. इसमें युवा ग्रे बैम्बू शार्क आकृतियों और ऑप्टिकल इल्यूजन के बारे में जानकारी को लगभग एक साल तक याद रखती पाई गईं. वे बेसिक मैथ्स भी कर सकती हैं, जैसे कि तीन और पांच, और चार और सात जैसी क्वांटिटी (मात्रा) में फर्क बता सकती हैं. हालांकि चार और पांच जैसी बहुत पास की मात्राओं में नहीं.
2- मां के पेट में ही भाई-बहनों को खाती हैं
सैंड टाइगर शार्क के बच्चे अपनी मां के पेट के अंदर ही जिंदा रहने की लड़ाई शुरू कर देते हैं. इस रिपोर्ट के अनुसार मादा सैंड टाइगर शार्क के दो गर्भाशय होते हैं और हर एक में पांच बच्चे तक पलते हैं. भ्रूण अपने ही भाई-बहनों को खाते रहते हैं, जब तक कि सिर्फ एक बच्चा नहीं बच जाता. इसे ‘इंट्रायूटेरिन कैनिबालिज्म’ या ‘एडेल्फोफैगी’ कहा जाता है. अब आपका सवाल हो सकता है कि आखिर वे ऐसा क्यों करते हैं. दरअसल अपने भाई-बहनों को खाने के बाद, सैंड टाइगर शार्क के बच्चों को मां द्वारा लगातार छोड़े जाने वाले बिना फर्टिलाइज हुए अंडे अकेले खाने को मिलते हैं. इससे वे जन्म के समय तक मजबूत और तंदुरुस्त हो जाते हैं.
3- कुछ शार्क के भी पेट पर नाभि होती है
कुछ शार्क अंडे देती हैं, लेकिन बुल शार्क और हैमरहेड जैसे कई शार्क अपने बच्चों को गर्भाशय में रखती हैं और इंसानों की तरह ही गर्भनाल (अम्बिलिकल कॉर्ड) के जरिए उन्हें पोषण देती हैं. इसी वजह से, जन्म के कुछ हफ्तों या महीनों तक इन बच्चों के पेट पर नाभि का निशान बना रहता है. बाद में गर्भनाल का घाव भर जाता है.
4- शार्क के भी पक्के दोस्त होते हैं
फिल्मों में आपने देखा होगा कि शार्क अकेली शिकारी होतीं, लेकिन ऐसा होता नहीं है. ग्रे रीफ शार्क चार साल तक अपने दोस्तों के एक ही ग्रुप के साथ रहना पसंद करती हैं. वे छोटे-छोटे ग्रुप में बंट जाती हैं. अपने-अपने रास्ते जाती हैं और फिर मौसम के हिसाब से दोबारा एक साथ हो जाती हैं. इसी तरह छोटी लेमन शार्क भी ग्रुप में रहना पसंद करती हैं. वे एक-दूसरे से नई चीजें सीखती हैं, जैसे खाना कैसे ढूंढना है या शिकारियों से कैसे बचना है. बीबीसी की इस रिपोर्ट के अनुसार वे अपनी ही साइज की उन लेमन शार्क के साथ रहना पसंद करती हैं जिनसे वे पहले मिल चुकी हैं.
5- शार्क आपके धड़कते दिल को महसूस कर सकती हैं
हम इंसानों में पांच इंद्रिया होती हैं लेकिन वहीं शार्क में आठ इंद्रियां होती हैं. इन तीन अलग इंद्रियों की मदद से वे पानी में दबाव या वोल्टेज में बदलाव, और यहां तक कि पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को भी महसूस कर सकती हैं. शार्क के शरीर के दोनों तरफ छोटे छेदों की कतारें होती हैं, जिन्हें ‘लेटरल लाइन्स’ कहा जाता है. ये छेद तरल पदार्थ और सेंसरी सेल्स से भरे होते हैं. शार्क के आस-पास पानी में हलचल होने पर ये बाल जैसी कोशिकाएं तरल पदार्थ में हिलने-डुलने लगती हैं, जिससे शार्क को कंपन का पता चल जाता है.
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