

नई दिल्ली:
नीट पेपर लीक के खिलाफ जारी प्रदर्शन सोमवार को अपने चरम पर पहुंचता दिखा. जंतर-मंतर से संसद भवन तक मार्च करने की कोशिश कर रहे लोगों को दिल्ली पुलिस ने रोकने की भरसक कोशिश की. इस दौरान कई जगहों पर झड़पें भी हुईं. कई मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने पड़े तो वहीं कुछ स्थानों पर पुलिस ने जोरदार बैरिकेडिंग कर रखी थी. संसद भवन में विपक्ष का हंगामा और सड़क पर कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले उतरे युवाओं का हुजूम सरकार का सिरदर्द बढ़ाता रहा. इस बीच सरकार कुछ कोशिशें भी करती दिखी कि कैसे भी प्रदर्शनकारियों को समझाया जाए.
माना जा रहा है कि इसी के लिए स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है. कॉकरोच जनता पार्टी के लोगों का दावा है कि सरकार की ओर से ही उनसे संपर्क साधा गया था और उसके बाद ही बातचीत की गई. वहीं दूसरी तरफ आंदोलनकारियों के निशाने पर आए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने होम मिनिस्टर अमित शाह से मीटिंग की. यह जानकारी नहीं मिल सकी है कि दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई, लेकिन चर्चा है कि इस दौरान नीट पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन को लेकर ही बात हुई है. धर्मेंद्र प्रधान ने संसद परिसर में ही अमित शाह से उनके कार्यालय में मुलाकात की.
बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर 20 जून से धरने की शुरुआत की थी. इसके कुछ दिन बाद ही सोनम वांगचुक ने आमरण अनशन शुरू कर दिया था और तब से ही इस आंदोलन की धार तेज हो गई. सोनम वांगचुक एक चर्चित हस्ती रहे हैं और पहले भी लद्दाख में कई मुद्दों पर आवाज उठा चुके हैं. फिर धीरे-धीरे यह आंदोलन जोर पकड़ने लगा और आज मॉनसून सेशन के पहले ही दिन कॉकरोच जनता पार्टी और कुछ अन्य सहयोगी संगठनों ने संसद तक मार्च का ऐलान कर दिया.
नई दिल्ली जिले में अलर्ट, आसपास से भी बुलाई गई फोर्स; रुक-रुककर झड़पें
दिल्ली पुलिस का कहना था कि मार्च के लिए जरूरी परमिशन नहीं ली गई है. ऐसे में उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग और फोर्स की तैनाती समेत कई कदम उठाए. यही वजह है कि सुबह से ही पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच रुक-रुककर झड़पों की खबरें आती रहीं. बता दें कि दिल्ली पुलिस ने पूरे नई दिल्ली जिले में ही अलर्ट घोषित कर रखा है. इसके अलावा आसपास के जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बुला ली गई है.





