
NEET Result 2026: कहते हैं कि मंजिल उसी को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है. इस कहावत को जोधपुर की डिंपल खींची ने साबित कर दिया है. डिंपल ने बीते 10 दिनों में ही 3 कंपटीशन एग्जाम को क्रैक किया है और उनमें से एक NEET UG की परीक्षा है. खेल के मैदान में सिल्वर मेडल जीतने वाली डिंपल यादव ने एक के बाद एक लगातार तीन परीक्षा में अपनी सफलताओं के झंडे बुलंद किए हैं. नीट के रिजल्ट में 617 नंबर के साथ डिंपल की ऑल इंडिया 5609 रैंक आई है, जबकि उनकी कैटेगरी रैंक 577 है.
डिंपल अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं. NDTV से बातचीत में डिंपल ने कहा कि आज मुझे जो सफलता मिली है, वह मेरे मम्मी पापा वजह से है. मुझे तैयारी के लिए जिस चीज की जरूरत होती थी, उसे समय पर उपलब्ध करवाया. उन्होंने मुझे पूरी तरह से सपोर्ट किया है. खेल के मैदान में अपनी सफलता को लेकर डिंपल ने बताया कि अगर आपमें लगन है तो पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी हो सकता है. रोप स्कीपिंग में मेरा नेशनल हुआ और रीजनल में मुझे सिल्वर मेडल मिला है, जबकि नेशनल में भी सिल्वर मेडल हासिल किया.
कितने घंटे पढ़तीं डिंपल?
डिंपल ने बताया कि मेरा डॉक्टरी को लेकर इंट्रेस्ट था, जिसकी तैयारी मैंने की और आज यह रिजल्ट आया है. परीक्षा में एक बार फेल हो जाने से निराश होने वाले छात्रों को डिंपल ने कहा कि सफलता एकदम से नहीं आती है. थोड़ा इंतजार करना पड़ता है. सफलता के लिए सबसे जरूरी है- धैर्य. डिंपल कंपीटन की तैयारी करने वाले छात्रों का सलाह देती हैं कि मोबाइल से थोड़ा दूर रहना चाहिए. हम भले ही सोचते हैं कि मोबाइल को हम कंट्रोल कर सकते हैं, पर मोबाइल असल में हम लोगों डिस्ट्रैक्ट करता है. डिंपल रोजाना 14-15 घंटे की पढ़ाई करतीं थीं.
3 साल से सिर्फ पढ़ाई पर फोकस
वह कहती हैं कि तीन साल से मैं कहीं बाहर नहीं गईं हूं, न किसी शादी में, न ही किसी फंक्शन में. मैं लगातार पढ़ाई ही करती थी. अब आगे मेडिकल की पढ़ाई करनी है. NEET UG 2026 के रिजल्ट के साथ डिंपल को बीते 10 दिन में 3 एग्जाम में सफलता मिली है. सबसे पहले डिंपल का राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंस (RUHS) का एंट्रेंस एग्जाम क्लियर हुआ.

माता-पिता के सपने को साकार करेंगी डिंपल
अपनी बेटी डिंपल की सफलता पर मां ने कहा कि आज बच्ची की सफलता से बहुत ही खुश हूं, पापा का सपना था कि हमारे भी बच्चे डॉक्टर बने. एक बार डॉक्टर को देखती तो घर आकर कहती है कि अच्छे से पढ़ाई करो और आगे चलकर डॉक्टर बनो. आज मेरी NEET परीक्षा पास कर गई. आज डिंपल खींची उन हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं जो आज के समय में खेल और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई महसूस करते हैं.
डिंपल खींची की पहचान सिर्फ एक होनहार छात्रा के रूप में ही नहीं एक खिलाड़ी के रूप में भी है. वह राष्ट्रीय स्तर की रोप स्पीकिंग खिलाड़ी भी हैं और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल की जीत चुकी हैं. उनकी इस सफलता के बाद उनके परिवार में भी खुशी की लहर है और परिवार और रिश्तेदार भी लगातार उनके घर पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं.
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