मध्य प्रदेश

हिमाचल सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, मेयर-डिप्टी मेयर चुनाव में विधायक डाल सकेंगे वोट


हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार को नगर निकाय चुनावों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में बड़ी राहत मिली है. सर्वोच्च न्यायालय ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें विधायकों को नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष चुनावों में मतदान करने से रोका गया था. इसके साथ ही विधायकों के मतदान अधिकार फिलहाल बहाल हो गए हैं.

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हाल ही में आदेश दिया था कि नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष के चुनाव केवल निर्वाचित पार्षदों द्वारा ही कराए जाएं और पदेन सदस्यों, जिनमें विधायक भी शामिल हैं, को मतदान का अधिकार नहीं होगा. अदालत ने कहा था कि संबंधित कानून और नियमों के तहत विधायकों को ऐसा अधिकार प्राप्त नहीं है.

ये भी पढ़ें: हिमाचल: 11 जिलों में 2909 पंचायत प्रधानों-उपप्रधानों ने ली शपथ, एंटी चिट्टा अभियान को मिला जोर

हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर रोक

हिमाचल सरकार के महाअधिवक्ता अनूप रत्न ने कहा बताया कि इसके खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को राहत प्रदान की. सुप्रीम कोर्ट के इस हस्तक्षेप के बाद अब विधायक नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में मेयर, डिप्टी मेयर, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में मतदान कर सकेंगे.

 

शहरी निकाय चुनाव पर पड़ेगा असर

इस फैसले का सीधा असर प्रदेश के शहरी निकायों में होने वाले नेतृत्व चुनावों पर पड़ेगा, जहां विधायकों की भागीदारी को लेकर कानूनी विवाद चल रहा था. सुप्रीम कोर्ट के आदेश से फिलहाल पूर्व व्यवस्था बहाल हो गई है और आगामी चुनावी प्रक्रियाओं में विधायकों की भूमिका बनी रहेगी.

ये भी पढ़ें: हिमाचल में बिगड़ा मौसम का मिज़ाज, गर्मी से मिली राहत, बढ़ा भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा, ऑरेंज अलर्ट



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button