धर्म

संकष्टी का चांद हर शहर में अलग समय पर क्यों निकलता है ? दिल्ली में 7:44 तो दूसरे शहर में समय अलग


Vighnaraja Sankashti Chaturthi 2026: संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने वाले लोगों के लिए चंद्रोदय समय सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. दिनभर व्रत रखने के बाद व्रती रात में चंद्रदर्शन करते हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देकर गणपति की पूजा पूरी करते हैं लेकिन एक ही संकष्टी चतुर्थी पर दिल्ली में चंद्रोदय का समय अलग होता है.

जबकि मुंबई, जयपुर, भोपाल, लखनऊ या किसी दूसरे शहर में चंद्रमा कुछ मिनट पहले या बाद में दिखाई देता है. आखिर ऐसा क्यों होता है?

चंद्रमा हर जगह एक ही समय पर क्यों नहीं दिखता?

चंद्रोदय का समय हर शहर में अलग होने की सबसे बड़ी वजह उस शहर की भौगोलिक स्थिति है. धरती लगातार घूमती रहती है और चंद्रमा भी अपनी कक्षा में आगे बढ़ता रहता है. ऐसे में अलग अलग शहरों से चंद्रमा के दिखाई देने की स्थिति एक जैसी नहीं होती.

यही वजह है कि दिल्ली में चांद जिस समय दिखाई देता है जरूरी नहीं कि उसी समय मुंबई, जयपुर या भोपाल में भी चंद्रमा नजर आए. यही कारण है कि संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रोदय का समय शहर के हिसाब से कुछ मिनट आगे-पीछे होता है.

इसी वजह से पंचांग में चंद्रोदय का समय हमेशा स्थान विशेष के आधार पर दिया जाता है.  शहर बदलने के साथ चंद्रोदय का समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है. इसलिए संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने वालों को अपने शहर के अनुसार चंद्रोदय का समय देखना चाहिए.

संकष्टी चतुर्थी पर चंद्रमा को अर्घ्य क्यों देते हैं?

  • संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित व्रत है. इस दिन सूर्योदय से व्रत रखकर चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोलने की परंपरा है.
  • मान्यता है कि गणेश जी की पूजा के साथ चंद्रमा की पूजा करने से व्रत का विधान पूरा होता है.
  • रात में चंद्रोदय होने पर सबसे पहले चंद्रमा के दर्शन किए जाते हैं.
  • इसके बाद जल, अक्षत और पुष्प आदि से चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है. कई परिवारों में अर्घ्य के लिए तांबे या चांदी के पात्र का इस्तेमाल किया जाता है.
  • अर्घ्य देते समय चंद्र देव का ध्यान किया जाता है और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है.

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026 चंद्रोदय समय

दिल्ली रात 7:44 बजे
मुंबई रात 8:20 बजे
लखनऊ रात 7:32 बजे
पटना रात 7:17 बजे
नोएडा रात 7:44 बजे
हैदराबाद रात 8:00 बजे
गोरखपुर रात 7:23 बजे
भोपाल रात 7:54 बजे
इंदौर रात 8:01 बजे
जयपुर रात 7:53 बजे
आगरा रात 7:44 बजे
चंडीगढ़ रात 7:42 बजे
अहमदाबाद रात 8:14 बजे

चंद्रमा पूजा विधि

अश्विन माह की विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी का चंद्रमा जब आसमान में दिख जाए तब लौटे में जल भरकर थोड़ा कच्चा दूध लें और थोड़ी सी चीनी भी मिला लें. फिर भगवान गणेश का ध्यान करते हुए चंद्र देवका का ध्यान करते हुए अर्घ्य दें.

चंद्र दर्शन के समय संतान का स्मरण कर अर्घ्य देने से संतान पर आने वाले संकट टलते हैं. ऐसी मान्यता है. अकाल भय, रोग और मानसिक कष्ट दूर होते हैं.

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