

राजस्थान के प्रमुख देवस्थल अब सिर्फ धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं रह गए हैं, बल्कि शिक्षा, चिकित्सा, सड़क, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कामों में भी बड़ा योगदान दे रहे हैं. सांवलियाजी, नाथद्वारा, पुष्करजी और खाटूश्यामजी जैसे मंदिरों में आने वाले चढ़ावे का इस्तेमाल विकास और जनकल्याण के कार्यों में किया जा रहा है. इन मंदिरों में करोड़ों रुपये दान के आते हैं.
16 गांवों के विकास की जिम्मेदारी
सांवलियाजी मंदिर मंडल ने आसपास के 16 गांवों में विकास कार्यों की जिम्मेदारी संभाली है. मंदिर मंडल के अध्यक्ष हजारीदास वैष्णव के मुताबिक, इन गांवों में शिक्षा, चिकित्सा और जनोपयोगी काम कराए जा रहे हैं. छात्रों को सम्मान और दिव्यांगों को स्कूटी देने के साथ-साथ करीब 3000 गायों की गौशाला, 100 बकरियों का बड़ा विद्यालय, श्मशान, रियायती भोजनालय और धर्मशालाओं के निर्माण जैसे काम भी किए जा रहे हैं.
गांवों में बनवाई जा रही सड़कें
मंदिर मंडल के अनुसार, इन गांवों में करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से सड़कें बनाई जा रही हैं. पिछले साल 7 गांवों में करीब 4 करोड़ रुपये से सामुदायिक भवन भी बनाए गए. नाथद्वारा मंदिर मंडल की ओर से करीब तीन साल पहले गल्र्स स्कूल का भवन बनवाया गया. मंदिर मंडल के सीईओ जितेंद्र पांडे ने बताया कि जिला चिकित्सालय में डायलिसिस और दवाओं का खर्च भी मंदिर मंडल वहन करता है.
इसके अलावा गर्ल्स कॉलेज और गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल भवन में कर्मचारियों के बच्चों की छात्रवृत्ति दी जाती है. नगरपालिका को अग्निशमन वाहन, बिजली सब-स्टेशन और ग्रामीण हाट के लिए जमीन भी उपलब्ध कराई गई है.
1000 विधवाओं को मासिक पेंशन
खाटूश्यामजी मंदिर कमेटी करीब 1000 विधवाओं को मासिक पेंशन देती है. मंदिर कमेटी की ओर से सरकारी स्कूल भवन के निर्माण और अस्पताल में चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराने जैसे काम भी किए जा रहे हैं. मंदिर कमेटी गौशालाओं की मदद, मंदिरों के जीर्णोद्धार और आपदा या दुर्घटना के समय राहत कार्यों में भी योगदान दे रही है.
जनहित का कराया जा रहा काम
श्रीनाथजी मंदिर मंडल की ओर से भी जनहित के काम किए जा रहे हैं. मंदिर मंडल ने जिला चिकित्सालय में डायलिसिस और दवाओं का खर्च उठाने के साथ गर्ल्स कॉलेज और गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल भवन के लिए सहयोग किया है. नगरपालिका को अग्निशमन वाहन, बिजली सब-स्टेशन और ग्रामीण हाट के लिए जमीन उपलब्ध कराई गई है.
गौशाला का निर्माण कराया जा रहा
पुष्कर ब्रह्मा मंदिर के बैंक में जमा करीब 14 करोड़ रुपये से मंदिर विकास, वाटरप्रूफिंग, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं समेत 23 प्रस्ताव तैयार किए गए हैं. मंदिर की ओर से सड़क और गौशाला का निर्माण भी कराया गया है. वहीं नया चौक से वराह घाट चौक तक करीब पांच किलोमीटर लंबी सड़क बनाई गई है. इसमें सैंड स्टोन लगाया गया है. नगर परिषद की गौशाला के निर्माण पर करीब 1.5 करोड़ रुपये मंदिर प्रबंधन की ओर से खर्च किए गए हैं.
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