खबर

मेरे प्यार में कहीं वो नसें ना काट लें… आम आदमी पार्टी को लेकर ये क्या बोल गए राघव चड्ढा | Raghav Chadha say Aam Aadmi Party following voter list controversy they don’t slit  wrists love for me 



कभी आम आदमी पार्टी के प्रमुख रणनीतिकारों में गिने जाने वाले राघव चड्ढा अब अपनी पुरानी पार्टी के सबसे बड़े आलोचकों में शामिल हो गए हैं. पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में नशे और चुनावी मुद्दों को लेकर बहस तेज है. इसी बीच राघव चड्ढा के एक बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्मा दिया है.

राघव चड्ढा लंबे समय तक आम आदमी पार्टी का अहम चेहरा रहे. 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति तैयार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती थी. हालांकि बाद के वर्षों में पार्टी और उनके रिश्तों में दूरी बढ़ती गई. अप्रैल 2026 में उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया गया था. इसके बाद उन्होंने AAP छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया.

वोटर लिस्ट विवाद पर पलटवार

दिल्ली की वोटर लिस्ट में नाम जुड़ने को लेकर आम आदमी पार्टी की ओर से उठाए गए सवालों पर राघव चड्ढा ने तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि AAP लगातार उनका नाम लेकर राजनीति कर रही है.

राघव चड्ढा ने कहा, “जहां तक मेरी और मेरे वोट की बात है. आम आदमी पार्टी ऐसी हालत में पहुंच गई है कि मैं उन्हें रात में सपने में भूत बनकर दिखाई देने लगा हूं. दिन-रात वे बस राघव चड्ढा, राघव चड्ढा, राघव चड्ढा और राघव चड्ढा की ही बातें करते रहते हैं.”

‘एक्स-गर्लफ्रेंड’ वाली टिप्पणी से बढ़ी सियासत

अपने बयान में उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि आम आदमी पार्टी की हालत उस एक्स-गर्लफ्रेंड जैसी है जिसे उसके बॉयफ्रेंड ने छोड़ दिया हो, जो आगे बढ़ चुका है और अपनी जिंदगी जी रहा है, लेकिन वह अब भी पूरी तरह से उसी के ख्यालों में खोई हुई है, बुरी तरह प्यार करती है और उसे भुला नहीं पा रही है.”

उन्होंने यह भी कहा, “मुझे सच में उनकी चिंता होती है. मुझे डर है कि कहीं एक दिन, दिल टूटे प्रेमी की तरह, वे मेरी याद में अपनी नसें न काट लें. मुझे सच में उनकी बहुत चिंता है.”

चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण मांग चुकी है AAP

राघव चड्ढा की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से उनके नाम को दिल्ली की वोटर लिस्ट में शामिल किए जाने की प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा है. पार्टी ने संबंधित फॉर्म-6 सार्वजनिक करने और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर देने की मांग भी की है.

यह भी पढ़ें- पंजाब की बजाय उत्तराखंड में सिखों का सम्मेलन क्यों कर रहे हैं नितिन नवीन, क्या है प्लान




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button