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मुंबई: BMC के कागजों में “स्वस्थ और मजबूत” था पीपल, 70 साल पुराने पेड़ ने ली मासूम की जान | Mumbai 70 year old tree falls on bus innocent child died Peepal was marked healthy and strong in BMC records



मुंबई में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की लापरवाही सामने आई है, जिससे 11 साल के एक बच्ची की जान चली गई. दरअसल, बीएमसी के कागजों में जो पेड़ फिट घोषित था, वह पेड़ मासूम के ऊपर गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई. अब बीएमसी ने मामले में एक्शन लिया है.

घटना के बाद नींद से जागी बीएमसी ने अब आनन-फानन जांच समिति का गठन कर दिया है और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को निलंबित कर दिया है.

दरअसल, 30 जून यानी मंगलवार को स्कूल बस के ऊपर 70 साल पुराना पीपल का पेड़ गिर गया था, जिसमें कुल 13 बच्चे सवार थे. मुंबई फायर ब्रिगेड, बस कंडक्टर और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर तुरंत 12 बच्चों को बाहर निकाला. 5 घायल बच्चों को अस्पताल भेजा गया, जिनमें से 4 को मामूली चोटें आई थीं, लेकिन 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव गंभीर रूप से घायल हो गया था. अस्पताल में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

अचानक ही पुराने पीपल के पेड़ के गिरने से एक हंसते-खेलते 11 साल के बच्चे की जान चली गई. अब इसे बीएमसी की लापरवाही कहें या प्रकृति का कहर, बाहर से पूरी तरह स्वस्थ और मजबूत दिखने वाला पीपल बस पर कहर बनकर गिरा और एक परिवार का चिराग बुझ गया.

12 मई को स्वस्थ घोषित किया था यह पेड़

बीएमसी के अनुसार, इस पेड़ के खतरनाक होने की कोई भी आधिकारिक शिकायत कभी प्राप्त नहीं हुई थी. इसी साल 12 मई 2026 को इस पेड़ का निरीक्षण किया गया था. तब यह पेड़ पूरी तरह से मजबूत और स्वस्थ घोषित किया गया था.

मानसून से ठीक पहले, 29 मई को इस पेड़ की बाकायदा छंटाई भी की गई थी और तब भी यह सुरक्षित अवस्था में ही पाया गया था. सवाल है, जो पेड़ महज एक महीने पहले तक बीएमसी के कागजों में ‘मजबूत और सुरक्षित’ था, वह अचानक जड़ से उखड़कर एक मासूम की मौत का कारण कैसे बन गया?

उधर, हादसे के BMC ने एक्शन लेते हुए डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है. घटना को गंभीरता से लेते हुए बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने कड़े कदम उठाए हैं.

  • अधिकारी सस्पेंड: प्रथम दृष्टया लापरवाही के दोषी पाए गए संबंधित अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया है.
  • ठेकेदार पर गिरेगी गाज: पेड़ की छंटाई और देखरेख के लिए जिम्मेदार ठेकेदार Contractor के खिलाफ भी बीएमसी कठोर कार्रवाई करने जा रही है.
  • जांच समिति गठित: उप आयुक्त विशेष इंजीनियरिंग पुरुषोत्तम मालवदे और उप आयुक्त (इंजीनियरिंग) शशांक भोरे की एक विशेष जांच समिति बनाई गई है.
  • 8 दिन का अल्टीमेटम: समिति को विशेषज्ञों की सलाह लेकर 8 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.

पेड़ गिरने के आंकड़े (2023-2026)

  • वर्ष 2023: इस साल मुंबई में कुल 687 पेड़ धराशायी हुए. इनमें से 180 पेड़ बीएमसी के अधिकार क्षेत्र में, जबकि 507 पेड़ निजी संपत्तियों पर गिरे थे.
  • वर्ष 2024: इस साल भी हादसों में कोई खास कमी नहीं आई. कुल 653 पेड़ उखड़कर गिरे, जिनमें बीएमसी क्षेत्र के 171 और निजी क्षेत्र के 482 पेड़ शामिल थे.
  • वर्ष 2025: इस साल हालात सबसे ज्यादा डरावने रहे. मुंबई में कुल 855 पेड़ों ने दम तोड़ दिया और वे जड़ से उखड़ गए। इनमें बीएमसी क्षेत्र के 221 और निजी क्षेत्र के 634 पेड़ शामिल थे.
  • वर्ष 2026 (मानसून पूर्व की गई कार्रवाई): हादसों को टालने के लिए बीएमसी के उद्यान विभाग ने इस साल मानसून से पहले 1 लाख 318 पेड़ों की शाखाओं की छंटाई की. इसके अलावा, निरीक्षण के दौरान 468 पेड़ पूरी तरह से मृत और खतरनाक पाए गए थे, जिन्हें पहले ही काट दिया गया.
  • वर्ष 2026 (मानसून पूर्व की गई कार्रवाई): BMC के उद्यान विभाग ने इस साल 1 लाख 318 पेड़ों की शाखाओं की छंटाई की है. निरीक्षण के दौरान 468 पेड़ मृत और खतरनाक पाए गए थे, जिन्हें जड़ से हटा दिया गया था.

इन आंकड़ों को देखकर एक बात साफ है कि बीएमसी हर साल लाखों पेड़ों की छंटाई का दावा तो करती है, लेकिन जब अचानक कोई स्वस्थ घोषित पेड़ गिरकर किसी की जान ले लेता है, तो ये सारे दावे खोखले नजर आने लगते हैं.





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