

देश में इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर सरकार का फोकस ज्यादा है, ऐसा इसलिए क्योंकि कच्चे तेल के लिए दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता कम हो सके. हालांकि E20 फ्यूल आने के बाद से ही जिन ग्राहकों के पास पुरानी गाड़ियां हैं, उनके मन में इंजन खराब होने और वारंटी खत्म होने का डर है. सोशल मीडिया पर भी कई ऐसे वीडिया वायरल हो रहे हैं, जिनमें दावा किया जा रहा है कि उनकी पुरानी गाड़ियों के इंजन ठीक से काम नहीं कर रहे. इसी बीच महिंद्रा ने साफ कर दिया कि उसकी पुरानी पेट्रोल गाड़ियां E20 फ्यूल के लिए पूरी तरह से सेफ हैं. इतना ही नहीं इस इथेनॉल मिक्स फ्यूल से वारंटी पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
महिंद्रा ने दी अपने ग्राहकों को अच्छी खबर
एक कस्टमर के सवाल का जवाव देते हुए महिंद्रा ने कहा कि, कंपनी के सभी पेट्रोल इंजन अभी के गैसोलीन नियम के अनुसार हैं. मतलब ग्राहकों के पास अगर महिंद्रा की कुछ साल पुरानी गाड़ी जैसे थार, एक्सयूवी 700 और स्कॉर्पियो का पेट्रोल वेरिएंट है, तो बिना किसी डर के किसी भी पंप से E20 फ्यूल डलवा सकते हैं.
पिकअप में आ सकता है हल्का अंतर
हालांकि कंपनी ने एक हल्के अंतर के बारे में जानकारी दी. महिंद्रा ने बताया कि 1 अप्रैल 2025 के बाद जो गाड़ियां बनी हैं, उन्हें स्पेशली E20 फ्यूल के लिए ट्यून किया है. इससे इन नए मॉडल्स में ग्राहकों को शानदार एक्सीलरेशन मिलेगा और बढ़िया फ्यूल एफिशिएंसी रहेगी. वहीं 1 अप्रैल 2025 से पहले की गाड़ियां E20 पेट्रोल के लिए सेफ हैं. मगर ड्राइविंग स्टाइल के बेस पर इनके पिकअप या माइलेज में हल्का अंतर देखने को मिल सकता है.
E20 फ्यूल पर क्यों मचा हंगामा?
पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहा है कि कुछ यूट्यूबर्स और कार मालिक E20 की वजह अपनी गाड़ी के इंजन खराब होने की लगातार शिकायतें कर रहे हैं. साथ ही फ्यूल लाइन्स में खराबी हो रही है. इसके बास पीआईबी ने ऑटो कंपनियों जैसे मारुति सुजुकी, टोयोटा, हुंडई और हीरो मोटोकॉर्प के साथ मिलकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसमें ऑटो इंडस्ट्री के दिग्गजों ने उन सभी सवालों के जवाब दिए थे, जो एक ग्राहक पूछना चाहता है. मसलन इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल से क्या माइलेज कम होता है? इंजन और इसकी वारंटी पर असर पड़ता है?
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मारुति सुजुकी ने बताया था कि उन्होंने करोड़ों पुरानी गाड़ियों की सर्विसिंग की है, लेकिन इथेनॉल की वजह से जंग या इंजन खराब होने का एक भी मामला सामने नहीं आया. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी साफ किया कि इथेनॉल मिक्स होने से माइलेज में हल्की कमी दिख सकती है, लेकिन ये गाड़ी को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाता.
महिंद्रा, ऑटो इंडस्ट्री के एक्सपर्ट और सरकार के इस भरोसे के बाद ग्राहकों को पैनिक होने की कोई जरूरत नहीं है. इथेनॉल देश के पर्यावरण के लिए अच्छा है. साथ ही तेल को लेकर दूसरे देशों पर निर्भरता कम करता है.





