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भारत कोई धर्मशाला नहीं कि कोई भी आ जाए- अमित शाह | Amit Shah Calls Strong Internal Security to Achieve Viksit Bharat 2047 national security strategy conference terrorism infiltration narcotics


नई दिल्ली:

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन के समापन सत्र में कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना होगा. उन्होंने राज्यों के पुलिस महानिदेशकों और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों से भविष्य की चुनौतियों का पहले से आकलन कर रणनीति तैयार करने का आह्वान किया. शाह ने कहा कि आतंकवाद, नक्सलवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी, घुसपैठ, साइबर हमलों और वैश्विक अस्थिरता जैसी चुनौतियों को शुरुआती स्तर पर रोकना अधिक प्रभावी होता है. उन्होंने तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और एजेंसियों के बीच समन्वय को राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण आधार बताया. अमित शाह मंगलवार को नई दिल्ली में आसूचना ब्यूरो के ‘राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन’ के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे. दो दिन चले इस सम्मेलन में राज्यों के पुलिस महानिदेशक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए.

भविष्य की चुनौतियों पर अभी से नजर

अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति केवल मौजूदा समस्याओं को देखकर नहीं बनाई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि आने वाले 15 से 20 साल के वैश्विक रुझानों का अध्ययन करना होगा. इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि भविष्य में कौन-सी नई समस्याएं सामने आ सकती हैं. उनके मुताबिक चुनौती बड़ी होने का इंतजार करने के बजाय उसे शुरुआती दौर में ही रोकना ज्यादा आसान होता है. गृह मंत्री ने कहा कि नशीले पदार्थ, नक्सलवाद और पूर्वोत्तर की समस्याओं को पहले ही गंभीरता से लिया गया होता तो देश को लंबे समय तक इनका सामना नहीं करना पड़ता.

आतंकवाद के खिलाफ ‘प्रहार’ पर जोर

अमित शाह ने आतंकवाद के पूरी तरह खात्मे के लिए ‘प्रहार’ रणनीति को जमीन पर लागू करने की बात कही. उन्होंने कहा कि इसे केवल एक दस्तावेज तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए. इसे रोजमर्रा की पुलिस कार्रवाई का हिस्सा बनाना होगा. उन्होंने आतंकवाद से जुड़े पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए 360 डिग्री रणनीति अपनाने की बात कही. उन्होंने राज्यों के पुलिस महानिदेशकों से आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी तंत्र बनाने को कहा.

नशे के खिलाफ तीन ‘D’ पर काम

अमित शाह ने राज्यों से ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029′ को लागू करने की अपील की. उन्होंने नशे के खिलाफ डिटेक्ट, डिसरप्ट और डिस्ट्रॉय यानी पहचानने, नेटवर्क को तोड़ने और उसे खत्म करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर लड़नी होगी.

Amit Shah on Internal Security

Amit Shah on Internal Security: घुसपैठ मुक्त भारत सरकार की प्राथमिकता: अमित शाह

घुसपैठ रोकना बड़ी प्राथमिकता

गृह मंत्री ने कहा कि पिछले आठ महीनों में उन्होंने सभी भूमि-सीमा वाले राज्यों का दौरा किया है. इस दौरान राज्यों के साथ सीमा सुरक्षा का एक नया दृष्टिकोण साझा किया गया है. उन्होंने कहा कि भारत को जल्द से जल्द घुसपैठ से मुक्त करना सरकार का लक्ष्य है. अमित शाह ने कहा कि घुसपैठिए देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और जनसांख्यिकी के लिए खतरा हैं. उन्होंने राज्यों से सीमा सुरक्षा के लिए वरिष्ठ स्तर के नोडल अधिकारी नियुक्त करने को भी कहा.

विदेशों में छिपे भगोड़ों पर भी कार्रवाई

अमित शाह ने कहा कि सरकार ने विदेशों में छिपे भगोड़ों को भारत लाने के लिए व्यवस्था मजबूत की है. उन्होंने बताया कि 2019 से 2026 के बीच करीब 274 भगोड़ों को विदेश से भारत लाया गया है. उन्होंने राज्यों से कहा कि उनका लक्ष्य होना चाहिए कि विदेश में छिपा कोई भी भगोड़ा भारतीय कानून की पहुंच से बाहर न रहे.

तकनीक और एआई के इस्तेमाल पर जोर

गृह मंत्री ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि मल्टी एजेंसी सेंटर यानी MAC को आधुनिक बनाया गया है. इसका इस्तेमाल अलग-अलग एजेंसियों से मिलने वाली सूचनाओं को जोड़ने और उनका विश्लेषण करने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने युवा अधिकारियों से एआई का इस्तेमाल कर डेटा का विश्लेषण करने और अपराधियों के काम करने के तरीकों की पहचान करने को कहा.

साइबर युद्ध और वैश्विक अस्थिरता भी चुनौती

अमित शाह ने कहा कि भारत की सुरक्षा नीति केवल देश के भीतर की घटनाओं को देखकर नहीं बनाई जा सकती. इसके लिए वैश्विक अस्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा, सप्लाई चेन में बाधा, बढ़ता कट्टरपंथ और साइबर-मिसइन्फॉर्मेशन जैसे खतरों को भी ध्यान में रखना होगा. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर काम करें तो बड़ी से बड़ी सुरक्षा चुनौती को खत्म किया जा सकता है. गृह मंत्री ने कहा कि लक्ष्य साफ है. चुनौतियों को बड़ी समस्या बनने से पहले पहचानना और खत्म करना है. इससे सुरक्षित, घुसपैठ मुक्त और नशामुक्त भारत बनाने में मदद मिलेगी.

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