
Viral Video: रोबोटिक्स कंपनी Figure ने अपना सबसे एडवांस्ड एआई मॉडल Helix 2.5 लॉन्च कर दिया है. कंपनी का कहना है कि पुराने मॉडल्स की तरह इस रोबोट को अलग से कुछ भी सिखाने या बताने की जरूरत नहीं पड़ती है. दुकान से जैसे ही आप इसे घर ले जाकर ऑन करते हैं, ये अपने आप काम करना शुरू कर देता है. कंपनी के सीईओ ब्रेट एडॉक ने इस बड़े दावे को साबित करने के लिए 18 सितंबर को बाकायदा एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें देखा जा सकता है कि कैसे यह नया रोबोट एक बिल्कुल अनजान घर में घुसते ही इंसानों की तरह साफ-सफाई और घर के बाकी काम निपटाने लगता है.
30 घरों को किराए पर लेकर की रियल-लाइफ टेस्टिंग
सीईओ ने बताया कि इस नए रोबोट का टेस्ट लेने के लिए उन्होंने अमेरिका के बे एरिया में 30 ऐसे घर किराए पर लिए, जहां यह रोबोट पहले कभी नहीं गया था. वहां उसने बिना किसी इंसानी की मदद के तीन सबसे मुश्किल घरेलू काम पूरे किए. पहला काम था लिविंग रूम में बच्चों के बिखरे अनजान खिलौने समेटकर सफाई करना. दूसरा काम था बेडरूम में जाकर पहली बार देखे बिस्तर और तकियों को करीने से लगाना. तीसरा और सबसे बारीक काम था तौलियों को बिल्कुल सही तरीके से तह करके रखना. रोबोट ने नए माहौल के हिसाब से खुद को ढाला और तीनों काम बिना किसी रुकावट के निपटा दिए.

अनजान घरों में काम करते हुए रोबोट्स की तस्वीरें.
Photo Credit: X@Figure_robot
रोबोटिक्स इतिहास में पहली ‘जीरो-शॉट’ कामयाबी
कंपनी के एआई हेड कोरी के मुताबिक, Helix 2.5 अब तक का सबसे एडवांस्ड न्यूरल नेटवर्क है. रोबोटिक्स की भाषा में बिना किसी तैयारी या ट्रेनिंग के पूरे शरीर का इस्तेमाल करके अनजान जगह पर काम करने की इस क्षमता को जीरो-शॉट, होल-बॉडी जनरलाइजेशन कहा जाता है. दुनिया में पहली बार किसी ह्यूमनॉइड रोबोट ने यह कारनामा कर दिखाया है. हमने इन कामों को इसलिए चुना गया क्योंकि इनमें रोबोटिक्स की सबसे कठिन चुनौतियां एक साथ शामिल थीं. जैसे चीजों को देखना-समझना, चलना-फिरना, हाथों से बारीक काम करना और सख्त व मुलायम चीजों को एक साथ संभालना.
यहां देखें पूरा वीडियो:-
Today we’re releasing Helix 2.5
We rented 30 homes in the Bay Area. The robots arrived with no additional training and started doing useful work pic.twitter.com/VzrXGYOCKt
— Figure (@Figure_robot) September 17, 2026
रोबोट को आखिर इतनी समझदारी मिली कहां से?
कोरी ने इसका जवाब देते हुए कहा, ‘इंसान किसी भी नए घर में जाकर तुरंत काम कर सकता है क्योंकि हमारी समझ हमारे साथ चलती है. रोबोट्स अब तक ऐसा नहीं कर पाते थे. उन्हें हर नई जगह को एक-एक करके सीखना पड़ता था. इस मुश्किल को सुलझाने के लिए कंपनी ने एक साल पहले इंडेक्स नाम का ग्लोबल प्रोग्राम शुरू किया था. जैसे चैटजीपीटी ने इंटरनेट का ढेरों डेटा पढ़कर समझदारी हासिल की है, वैसे ही यह रोबोट इंसानों के फिजिकल एक्सपीरियंस से सीख रहा है. आज दुनिया भर से 90,000 से ज्यादा लोग इस डेटाबेस में अपना योगदान दे रहे हैं और हर सेकंड 35 मिनट का ह्यूमन एक्सपीरियंस रोबोट के दिमाग में अपलोड हो रहा है. यही डेटा इस रोबोट का मुख्य दिमाग बना है.’

इंसानों की तरह घर के उबाऊ काम कर सकता है ये रोबोट, वो भी बिना कोई ट्रेनिंग दिए.
Photo Credit: @Figure_robot
बिना ह्यूमन एक्सपीरियंस के फेल था पुराना सिस्टम
जब कंपनी ने बिना इंडेक्स डेटा के रोबोट से अनजान घर में काम करवाया, तो वह सिर्फ 9% बार ही सफल हुआ. लेकिन जब उसे ह्यूमन एक्सपीरियंस के डेटा के साथ मैदान में उतारा गया, तो कामयाबी का आंकड़ा सीधे 56% तक पहुंच गया. यानी 6 गुना से भी ज्यादा. सबसे कमाल की बात यह है कि काम करते समय अगर रोबोट से कोई गलती हो जाए, तो वह इंसानों की तरह खुद उसे सुधार भी लेता है. जैसे, गलती होने पर पीछे हटना या कंबल की तह ठीक करने के लिए खुद चलकर बिस्तर के दूसरी तरफ चले जाना. पुराने मॉडल के मुकाबले इसे काम सीखने में आधा वक्त लगा, लेकिन कम डेटा के बावजूद इसके काम करने का दायरा 30 गुना बढ़ गया.
हर घर तक पहुंचने के लिए 29 हजार करोड़ का निवेश
कंपनी के मुताबिक, ‘जैसे-जैसे इस डेटा और कंप्यूटर की ताकत को बढ़ाया जा रहा है, रोबोट की काम करने की सटीकता भी उतनी ही तेजी से बढ़ रही है. कंपनी को रोबोट को समझदार बनाने का सही फॉर्मूला मिल चुका है. इस प्रोजेक्ट को और बड़ा बनाने के लिए कंपनी कंप्यूटर सिस्टम पर 3.5 बिलियन डॉलर (करीब 33,523 करोड़ रुपये) खर्च करने जा रही है, ताकि आने वाले समय में हर घर में एक मददगार रोबोट पहुंच सके.’
ये भी पढ़ें:- 25 हजार कमाने वाला ट्रक ड्राइवर बना मशहूर यूट्यूबर, 7100% बढ़ी कमाई; अब चलाता है ‘इंडिया का सबसे लग्जरी ट्रक’
ये भी पढ़ें:- मिस यूनिवर्स इंडिया फिनाले के कुछ दिन बाद काम पर लौटीं फाइनलिस्ट, बेंगलुरु के गूगल ऑफिस से शेयर किया वीडियो
यह VIDEO भी देखें:-





