खबर

दिल्ली में टीबी पर सख्ती की तैयारी, अस्पताल में भर्ती हर मरीज की हो सकती है जांच | Delhi gears up stricter TB measures every hospitalized patient may undergo screening 



राजधानी दिल्ली में टीबी के मामलों की जल्द पहचान और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया जा सकता है. दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने सुझाव दिया है कि अस्पतालों में किसी भी बीमारी के इलाज के लिए भर्ती होने वाले मरीजों की टीबी जांच भी की जाए. यह जांच मरीज या उसके परिवार की सहमति से कराई जाएगी. माना जा रहा है कि इससे छिपे हुए टीबी मामलों का समय रहते पता लगाने में मदद मिलेगी.

तय लक्ष्य से पीछे चल रही दिल्ली

यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब दिल्ली टीबी मुक्त भारत अभियान के कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों को हासिल करने में पीछे है. टीबी से बचाव के इलाज यानी टीपीटी (Tuberculosis Preventive Treatment) की कवरेज अभी 55 प्रतिशत है, जबकि लक्ष्य 80 प्रतिशत रखा गया है.

वहीं मरीजों की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग देखभाल की व्यवस्था 74 प्रतिशत तक पहुंची है, जबकि इसका लक्ष्य 90 प्रतिशत है. उपराज्यपाल ने अधिकारियों को 30 सितंबर तक इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं.

संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी जांच

समीक्षा बैठक के दौरान एलजी ने ऐसे वार्डों और इलाकों में टीबी जांच बढ़ाने पर जोर दिया, जहां संक्रमण का जोखिम अधिक है. इसके अलावा उन स्थानों पर भी विशेष अभियान चलाया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में लोग एक साथ रहते हैं. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि टीबी की पहचान के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को जांच के लिए प्रेरित किया जाए ताकि बीमारी की समय रहते पहचान हो सके.

जागरूकता अभियान होगा तेज

टीबी को लेकर समाज में मौजूद डर और कलंक को खत्म करने के लिए सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए जागरूकता अभियान तेज करने के भी निर्देश दिए गए हैं. इसका उद्देश्य लोगों को बिना झिझक जांच और इलाज के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करना है.

लंबित DBT भुगतान जल्द जारी होगा

बैठक में टीबी मरीजों और पात्र लाभार्थियों को मिलने वाली प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) राशि का मुद्दा भी उठा. उपराज्यपाल ने अधिकारियों को लंबित भुगतान जल्द जारी करने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके.

रेडियोग्राफरों की कमी बनी चुनौती

टीबी जांच के लिए इस्तेमाल की जा रही एआई आधारित हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की तैनाती रेडियोग्राफरों की कमी के कारण प्रभावित हो रही है. एलजी ने इस कमी को जल्द दूर करने के निर्देश दिए हैं ताकि उपलब्ध मशीनों का पूरा उपयोग किया जा सके.

30 सितंबर की समयसीमा नजदीक आने के साथ दिल्ली सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर टीबी जांच बढ़ाने, इलाज की पहुंच मजबूत करने और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने का दबाव बढ़ गया है. ऐसे में आने वाले दिनों में राजधानी में टीबी के खिलाफ अभियान और तेज होने की संभावना है.

यह भी पढ़ें- सिकंदराबाद आर्मरी चोरी मामले का खुलासा, आर्मी के पूर्व हवलदार पर आरोप, गोला-बारूद बरामद




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button