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तुर्की ने समलैंगिकों के खिलाफ छेड़ा अभियान, 162 पकड़े गए, जानिए एर्दोगान क्यों पड़े इनके पीछे | Turkey launches crackdown on homosexuals; 162 arrested—find out why Erdogan is targeting them



तुर्की के समलैंगिक इन दिनों बेहद परेशान हैं. इतने कि बस पूछिए मत. राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन ने उनके खिलाफ अभियान छेड़ रखा है. वो हर हाल में इनका नाम-ओ-निशान मिटाने पर तुले हुए हैं. देश भर में समलैंगिकों को ढूंढ-ढूंढ कर पकड़ा जा रहा है और उन्हें सजा दी जा रही है. इस कार्रवाई के खिलाफ तुर्की मानवाधिकार संघ ने आवाज उठाई है, पर सुनने वाला कोई नहीं है.

सरकारी वकीलों ने बताया कि वेश्यावृत्ति और अश्लीलता के आरोपों के बाद की गई छापेमारी में तुर्की अधिकारियों ने रविवार को 26 लोगों को हिरासत में लिया और छह LGBTQ+ संगठनों के दफ्तरों की तलाशी ली. यह कार्रवाई एक ऐसे अभियान का हिस्सा है, जिसके बारे में सरकार का कहना है कि इसका मकसद पारिवारिक मूल्यों की रक्षा करना है. इस्तांबुल के मुख्य सरकारी वकील के दफ्तर ने बताया कि सप्ताहांत में 12 प्रांतों में 38 संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिसमें अधिकारियों ने ड्रग्स, डिजिटल उपकरण, तस्करी की शराब और एक हथियार ज़ब्त किया.

आखिर क्यों हो रही छापेमारी

अंकारा स्थित LGBTQ+ संगठन ‘काओस GL’ ने कहा कि कम से कम 50 एक्टिविस्ट को हिरासत में लिया गया है. यह संख्या मुख्य अभियोजक कार्यालय द्वारा बताई गई संख्या से अधिक है. इनमें से 10 से अधिक लोगों को उनके घरों पर पुलिस की छापेमारी के दौरान पकड़ा गया. इसके अलावा, संगठन ने कहा कि अधिकारियों ने LGBTI+ संगठनों, एक्टिविस्ट और अधिकारों के लिए लड़ने वालों से जुड़ी दर्जनों वेबसाइटों और सोशल मीडिया अकाउंट्स तक पहुंच रोक दी है.

“मेरा परिवार सुरक्षित है” (My Family is Safe) नाम से की जा रही सरकार की इस कार्रवाई का समय तब आया है जब राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन “परिवार और जनसंख्या का दशक” को बढ़ावा दे रहे हैं; यह पहल गिरती जन्म दर और बढ़ती उम्र वाली आबादी की समस्या से निपटने के लिए शुरू की गई है. अधिकार समूहों ने तुर्की सरकार पर आरोप लगाया है कि हाल के वर्षों में तीखी बयानबाजी और प्रतिबंधों के ज़रिए LGBTQ+ समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है.

तुर्की मानवाधिकार संघ ने X पर कहा, “इस ऑपरेशन का असली नाम ‘मेरा परिवार सुरक्षित है’ नहीं है; यह सरकार द्वारा किया जा रहा भेदभाव, डर की राजनीति और नागरिक समाज को खत्म करने की कोशिश है.” सरकारी वकील के दफ्तर ने कहा कि सबूतों से पता चलता है कि बच्चों और कम उम्र के युवाओं को यौन रुझान और जेंडर पहचान से जुड़े मुद्दों पर गलत तरीके से प्रभावित किया जा रहा था. न्याय मंत्री अकिन गुरलेक ने कहा कि इस्तांबुल, अंकारा, इज़मिर, आयदिन और मर्सिन में सरकारी वकीलों की देखरेख में हुई जांच में 15 प्रांतों के 162 संदिग्धों, नौ संगठनों और 13 व्यवसायों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शामिल थी.

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