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ट्रंप की वार्निंग को हल्के में ले रहे ईरान को आखिर समझ आया अमेरिका के नये आर्थिक प्रतिबंधों का मकसद | Iran taking Trump warnings lightly finally grasped the objective behind America new economic sanctions



ईरान के विदेश मंत्रालय ने ईरान पर अमेरिका की तरफ से नये आर्थिक प्रतिबंध लगाने के ऐलान की कड़ी निंदा की है और इस कदम को “आर्थिक आतंकवाद” और “मानवता के खिलाफ अपराध” करार दिया है.अब तक ईरान ट्रंप की बातों को बहुत गंभीरता से नहीं ले रहा था, मगर ट्रंप के ऐलान के बाद अब उसने कड़ा बयान जारी किया है.

क्या कहा ईरान ने

विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को ईरानी लोगों के खिलाफ अमेरिका द्वारा लगाए गए नए आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों के जवाब में एक बयान जारी किया. उसका कहना है कि ये प्रतिबंध 19 अगस्त, 1953 के शर्मनाक तख्तापलट की बरसी के मौके पर लगाए गए हैं. बयान में कहा गया है कि ऐसा कदम न केवल ईरानी लोगों के प्रति अमेरिकी नीति-निर्माताओं की 73 साल पुरानी दुश्मनी और नफरत के जारी रहने का एक और सबूत है, बल्कि यह अमेरिकी सत्ता प्रतिष्ठान के मानवता-विरोधी, गैर-कानूनी और वर्चस्ववादी रवैये को भी दिखाता है. इसमें आगे कहा गया, “इसमें कोई शक नहीं कि ईरान के खिलाफ अमेरिका के आर्थिक प्रतिबंध, जो हर ईरानी नागरिक के बुनियादी मानवाधिकारों को निशाना बनाते हैं, ‘आर्थिक आतंकवाद’ और ‘मानवता के खिलाफ अपराध’ हैं.जो लोग इन प्रतिबंधों का आदेश देते हैं और उन्हें लागू करते हैं, वे ऐसे घिनौने अपराध करने के लिए मुकदमे और सज़ा के हकदार हैं.”

कब लागू होंगे प्रतिबंध

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईरान के खिलाफ नए आर्थिक प्रतिबंधों और अलगाव की नीति का ऐलान किया है. अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने स्पष्ट किया है कि इन नए और व्यापक प्रतिबंधों के विस्तृत पैकेज व ब्योरे की आधिकारिक घोषणा प्रेस कॉन्फ्रेंस में की जाएगी. अमेरिका ने चेताया है कि जो भी देश ईरान की मदद करेगा या उसके साथ कारोबार व वित्तीय लेन-देन रखेगा, उसे भी गंभीर आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा. पहले ईरान को लग रहा था कि अमेरिका शायद इतना सख्त कदम नहीं उठाएगा, मगर जब ट्रंप ने इसका ऐलान कर दिया तो ईरान ने भी कड़ा बयान जारी किया है. जाहिर है युद्ध से पहले ही तबाही झेल रहे ईरान के लिए ये मुश्किल समय है. मगर चीन ने उसे राहत दी है. चीन ने साफ किया है कि वो ऐसे किसी भी एकतरफा प्रतिबंध को जायज नहीं मानता.

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