

चित्रकूट:
चित्रकूट में 18 घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश से बाढ़ आ गई है. मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी शहर में घुस गया. चित्रकूट शहर फिलहाल पानी-पानी हो गया है. 2003 में आई ऐतिहासिक बाढ़ से भी ज्यादा हालात यहां खराब दिख रहे हैं. बारिश ने 23 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. लेकिन सवाल यह भी है कि चित्रकूट में ऐसा क्या हुआ कि बाढ़ इतनी ज्यादा आ गई. इसके पीछे कुछ कारण भी बताए गए हैं. बाढ़ आने के बाद प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है. हेलिकॉप्टर से लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है, जबकि सड़कों पर नाव चलाकर भी लोगों को बाहर निकाला जा रहा है. चित्रकूट में लोगों को अगले कुछ घंटों तक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
चित्रकूट में 18 घंटे मूसलाधार बारिश
चित्रकूट में बीते 18 घंटे में मूसलाधार बारिश हुई है, जिसकी वजह से मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और बाढ़ की स्थिति बन गई. गोरगी बांध फूटने की वजह से फिलहाल चित्रकूट में अलर्ट जारी किया गया है, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है. चित्रकूट में अचानक आई बाढ़ की कुछ प्रमुख वजह भी सामने आई हैं. चित्रकूट से लगने वाला मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का कनेक्शन भी फिलहाल टूटा हुआ है.
पानी-पानी हुआ चित्रकूट, हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू, सड़कों पर चल रही नाव#ChitrakootFlood pic.twitter.com/4Kk4U7SczG
— NDTV India (@ndtvindia) August 30, 2026
पहाड़ी से पानी चित्रकूट की तरफ आया
विंध्य क्षेत्र के पहाड़ी कैचमेंट एरिया और चित्रकूट के आसपास के इलाकों में लगातार 18 घंटों से अधिक समय तक भारी बारिश हुई. जिससे पहाड़ी नालों का पानी तेजी से नीचे की तरफ आ गया. ऐसे में शहरों में पानी भरना शुरू हो गया. जलभराव इतनी तेजी से हुआ कि लोगों को निकलने का मौका नहीं मिला, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. चित्रकूट में रेलवे ट्रैक पर भी पानी भरा हुआ है.
गोरगी बांध फूट पड़ा
मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित गोरगी बांध के अचानक टूटने और मानिकपुर तहसील क्षेत्र में डोडा बांध का एक बड़ा हिस्सा ढहना भी चित्रकूट में बाढ़ की वजह बना. क्योंकि इससे लाखों गैलन पानी का सैलाब एक साथ रिहायशी बस्तियों की ओर बढ़ गया. इसके अलावा बारिश की वजह से मंदाकिनी नदी पहले से ही उफान पर चल रही थी. जिससे जलस्तर बढ़ता गया और शहर में पानी भरता गया. ऐसे में चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति बन गई.
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मंदाकिनी नदी के बढ़े जलस्तर से रामघाट एवं निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है।
इस स्थिति के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक चित्रकूट श्री अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में चित्रकूट पुलिस द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई। pic.twitter.com/Eq6kjMbJej— Chitrakoot Police (@chitrakootpol) August 29, 2026
मंदाकिनी का जलस्तर
लगातार बारिश और बांधों के पानी के एक साथ मिलने से चित्रकूट की जीवनदायिनी मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया. जहां नदी खतरे के निशान से 30 फीट ऊपर तक बहने लगी. जिससे पानी का बहाव तेज होता गया और यह शहरों में घुस गया.
चित्रकूट में हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू
मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेना का हेलिकॉप्टर से रेस्क्यू किया जा रहा है. चित्रकूट में फिलहाल 650 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है. डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड ने बताया कि एसडीआरएफ की टीम रात में भी रेस्क्यू अभियान जारी रखे हुए है, ताकि बाढ़ में फंसे लोगों को जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके.
चित्रकूट में डूबे मंदिर और घाट
चित्रकूट में बाढ़ इतनी तीव्र है कि जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य का तुलसीपीठ (कांच मंदिर), दीनदयाल शोध संस्थान परिसर, आरोग्यधाम, सियाराम कुटीर और जानकीकुंड आश्रम पानी से चारों तरफ से घिर गए हैं, सीतापुर, तरौंहा, बहादुरपुर और गोबरिया जैसी निचली बस्तियों में घरों के भीतर 5 से 7 फीट तक पानी भर गया है, जिससे लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हैं. रामघाट भी पूरी तरह से डूब गया है.
चित्रकूट में 23 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
चित्रकूट में भारी बारिश से 23 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया है. 2003 की ऐतिहासिक बाढ़ की विभीषिका भी पीछे रह गई है. पिछले 18 घंटे के दौरान चित्रकूट में 150 मिलीमीटर तक बारिश हो चुकी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक बीते 23 सालों में यह चित्रकूट में सबसे ज्यादा बारिश हुई है. चित्रकूट में प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि फिलहाल सुरक्षित स्थानों रह हैं. क्योंकि अगले 24 घंटे भी यहां झमाझम बारिश की स्थिति बन रही है.
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