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गालिब की शायरी से बना मशहूर गाना, इश्क के जुनून को दिखाने के लिए गुलजार ने इस्तेमाल किया शेर, 28 साल बाद भी कविता-सोनू की आवाज में एवरग्रीन | Mirza Ghalib shayari used by Gulzar in Satrangi Re song for portray passion of love after 28 years song remains evergreen Sonu Nigam Kavita Krishnamurthy



नई दिल्ली:

28 साल पहले की बात है. हिंदी सिनेमा में एक फिल्म आई. इस फिल्म की कहानी, कलाकारों को पेश करने का तरीका और संगीत अव्वल दर्जे का था. फिल्म में एक अलग ही लेवल की इश्क को लेकर दीवानगी दिखाई गई थी. इसका एक ऐसा गाना भी था जिसमें मशहूर शायर मिर्जा गालिब के शेर को कुछ इस तरह इस्तेमाल किया गया कि गाना हरदिलअजीज बन गया. हम बात कर रहे हैं. मणिरत्नम की फिल्म ‘दिल से’ की. इस फिल्म का गाना ‘सतरंगी रे’ काफी हिट हुआ था. इसे शाहरुख खान और मनीषा कोइराला पर फिल्माया गया था. इस गाने को सोनू निगम और कविता कृष्णमूर्ति ने गाया था जबकि संगीतकार: ए. आर. रहमान थे, वहीं गीतकार गुलजार थे. इस गाने को फराह खान ने कोरियोग्राफ किया था.

गाना सतरंगी रे प्रेम के सात अलग-अलग चरणों और उनसे जुड़े रंगों को बहुत खूबसूरती से दर्शाता है. ए. आर. रहमान का संगीत और गुलजार के बोल ने इस गाने को ऐतिहासिक बना दिया. वहीं इसकी सिनेमेटोग्राफी और डांस कोरियोग्राफी ने उस दौर में नए स्टैंडर्ड तय किए. हम आज इस गाने के बारे में कुछ ऐसी जानकारी देने जा रहे हैं, जो फैंस नहीं जानते होंगे. इस गाने में फराह के सामने मणिरत्नम की सोच को कोरियोग्राफी के जरिए आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी थी, लेकिन उन्हें एक चुनौती का सामना करना पड़ा, वह था गुलजार के लिखे बोलों को समझना.

फराह खान को समझ नहीं आया गाना

फराह खान ने एक पॉडकास्ट में बताया था कि वे लद्दाख में गाने की शूटिंग कर रही थीं, लेकिन गाने का कॉन्सेप्ट तैयार करने के लिए उन्हें गाने के बोल समझने थे. इसके लिए उन्होंने हिंदी सिनेमा के मशहूर लेखक जावेद अख्तर से संपर्क किया. उन्होंने कहा, ‘मुझे इस गाने का मतलब समझ नहीं आ रहा था क्योंकि गुलजार साहब ने इसमें कुछ मुश्किल शब्द लिखे थे. आप यकीन नहीं करेंगे कि मुझे जावेद अख्तर को फोन करके गुलजार के बोलों का अनुवाद करने के लिए कहना पड़ा. ऊपर से मणिरत्नम को हिंदी नहीं आती थी, कैमरामैन को हिंदी नहीं आती थी, ए.आर. रहमान (म्यूजिक कंपोजर) को भी हिंदी नहीं आती थी. इसलिए मैं लद्दाख से जावेद अंकल को फोन करके गाने के बोल समझ रही थी. जावेद अंकल ने पूछा, ‘यह क्या लिखा है? यह किसने लिखा है?’

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गालिब की पंक्तियों से बना बॉलीवुड का गाना

सतरंगी रे गाने में मशहूर शायर मिर्जा गालिब का एक शेर भी आता है. इस वजह से ये गाना और भी मारक बन जाता है. इस गाने के बोल गुलजार ने लिखे हैं और इसे सोनू निगम और कविता कृष्णमूर्ति ने गाया है. इस गाने में मिर्जा गालिब का शेर आता है, वो है, ‘इश्क पर जोर नहीं, है ये वो आतिश गालिब, जो लगाए न लगे और बुझाए न बने.’ इस तरह गुलजार ने बहुत ही शानदार तरीके से इश्क को लेकर गालिब का मशहूर शेयर इसमें इस्तेमाल किया और ये गाना ऑलटाइम हिट बन गया. सतरंगी शब्द का अर्थ है सात रंगों वाली कोई चीज. आम तौर पर इसका इस्तेमाल इंद्रधनुष के लिए किया जाता है. गाने में हमें इंद्रधनुष के सात रंग दिखाई देते हैं. 

दिल से मूवी

शाहरुख खान, मनीषा कोइराला और प्रीति जिंटा की ये फिल्म 28 साल पहले रिलीज हुई थी. म्यूजिक ए.आर. रहमान का था. फिल्म 21 अगस्त 1998 को रिलीज हुई थी. इसका बजट लगभग 11.5 करोड़ रुपये था जबकि इसने बॉक्स ऑफिस पर 28.40 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था. ये रोमांटिक ड्रामा प्रीति जिंटा की डेब्यू फिल्म थी.

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