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उदित नारायण-पूर्णिमा का 29 साल पुराना वो गाना, हीरो बना कबूतर और हीरोइन कबूतरी, आयशा-मिथुन के रोमांस ने गाने को बना डाला सुपरहिट | 29 year old udit narayan poornima song hero heroine became pigeon ayesha jhulka mithun chakraborty romance made it superhit



90 के दशक में बॉलीवुड के गानों में रोमांस के साथ शरारत का तड़का भी खूब लगाया जाता था. ऐसा ही एक गाना 1997 में आई फिल्म ‘सूरज’ में सुनने को मिला था, जिसके बोल थे ‘कबूतरी बोले कबूतर से’. गाने के बोल ही इतने मजेदार थे कि नाम सुनते ही चेहरे पर मुस्कान आ जाए. गाने में आयशा जुल्का और मिथुन चक्रवर्ती की जोड़ी नजर आई थी. दोनों के बीच की नोंक-झोंक और रोमांटिक अंदाज ने गाने को 90 के दशक का खास रंग दिया. उदित नारायण और पूर्णिमा की आवाज ने इसे और दिलचस्प बना दिया था. आज 29 साल बाद भी यह गाना उस दौर के मस्ती भरे फिल्मी संगीत की याद दिलाता है.

आयशा-मिथुन की जोड़ी ने लगाए रोमांस में चार चांद

‘कबूतरी बोले कबूतर से’ गाने की सबसे खास बात इसका मजेदार अंदाज था. गाने के जरिए प्यार को सीधे-सीधे कहने के बजाय कबूतर और कबूतरी की गुटरगूं के बहाने रोमांस दिखाया गया. आयशा जुल्का और मिथुन चक्रवर्ती पर फिल्माए गए इस गाने में दोनों की केमिस्ट्री देखने को मिली.

फिल्म में मिथुन और आयशा मुख्य भूमिकाओं में थे. इनके अलावा विजयता, सुरेश ओबेरॉय और राकेश बेदी जैसे कलाकार भी फिल्म का हिस्सा थे. ‘सूरज’ का निर्देशन टी.एल.वी. प्रसाद ने किया था, जबकि फिल्म का निर्माण नरोत्तम वी. पुरोहित ने किया था. फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी आनंद-मिलिंद की जोड़ी ने संभाली थी और गीत समीर ने लिखे थे.

1997 में रिलीज हुई थी ‘सूरज’

‘सूरज’ 27 जून 1997 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. यह एक्शन फिल्म थी, जिसकी लंबाई करीब 132 मिनट थी. फिल्म में रोमांस, एक्शन और ड्रामा का मेल देखने को मिला था. उस दौर में मिथुन चक्रवर्ती लगातार अलग-अलग तरह के किरदारों में नजर आ रहे थे और आयशा जुल्का भी 90 के दशक की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल थीं.

हालांकि फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट के बावजूद ‘सूरज’ बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं कर पाई. Box Office India के मुताबिक फिल्म का बजट करीब 2.25 करोड़ रुपये था, जबकि इसका इंडिया नेट कलेक्शन लगभग 2.51 करोड़ रुपये रहा.

फिल्म नहीं चली, लेकिन गाने रह गए याद

‘सूरज’ भले ही बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही, लेकिन 90 के दशक के हिंदी सिनेमा के संगीत की बात करें तो फिल्म के गानों का अपना अलग अंदाज था. ‘कबूतरी बोले कबूतर से’ भी इसी दौर के उन गानों में शामिल है, जिनमें प्यार को गंभीर अंदाज में पेश करने के बजाय मस्ती और शरारत के साथ दिखाया गया.

गाने के बोल सुनते ही कबूतर-कबूतरी की गुटरगूं और 90s का रंग याद आ जाता है. यही इसकी सबसे मजेदार खासियत है. आयशा जुल्का और मिथुन चक्रवर्ती की जोड़ी, उदित नारायण और पूर्णिमा की आवाज और आनंद-मिलिंद का संगीत मिलकर इसे उस दौर के हल्के-फुल्के रोमांटिक गानों की यादगार झलक बनाते हैं. फिल्म रिलीज हुए 29 साल हो चुके हैं, लेकिन इस तरह के गाने आज भी 90s के म्यूजिक की पुरानी यादें ताजा कर देते हैं.

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