मध्य प्रदेश

इश्क, साजिश और कत्ल: रास्ते का कांटा बन रही थी महिला, पुलिस ने 10 दिन में सुलझाई हत्या की गुत्थी


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  • पुलिस ने मोबाइल लोकेशन से तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार किया.

मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक ऐसा खबर सामने आई है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है. जिले के मेहगांव थाना क्षेत्र के पिपरौली गांव में 40 वर्षीय महिला की हत्या का पुलिस ने 10 दिनों के भीतर बड़ा खुलासा किया है. भिंड जिले के मेहगांव थाना पुलिस ने एक ऐसे अंधे कत्ल का खुलासा किया है जिसकी साजिश सैकड़ों किलोमीटर दूर रची गई और इसे अंजाम देने के लिए प्रेम विश्वासघात और हैवानियत की सारी हदें पार कर दी गईं.

तीन जून को पिपरौली गांव के पास बंबा किनारे अज्ञात महिला का शव मिला था, जिसका चेहरा और सर बुरी तरह कुचला गया था, ताकि उसकी पहचान ना हो सके. पुलिस जांच में जो कहानी सामने आई उसने रिश्तों, विश्वासघात, लव ट्रायंगल की ऐसी खौफनाक तस्वीर उजागर की जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है.

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10 दिन पहले मिला था महिला का शव

तीन जून को मेहगांव थाना क्षेत्र के पिपरोली गांव के हार में बंबा किनारे एक महिला का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी. शव के पास एक फावड़ा और फटा हुआ रेलवे टिकट मिला था. महिला की पहचान नहीं हो पा रही थी. पुलिस ने डॉग स्क्वायड, फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम और तकनीक साक्ष्यों की मदद से जांच शुरू की. रेलवे टिकट की पड़ताल करते हुए पुलिस मथुरा और ग्वालियर रेलवे स्टेशन तक पहुंची, जहां सीसीटीवी फुटेज में मृतिका दो युवकों के साथ दिखाई दी थी.

जांच में क्या सामने आया?

जांच में सामने आया कि मृतका इंद्रावती वर्मा उत्तर प्रदेश के प्रताप गढ़ जिले की रहने वाली हैं. वो सूरत में नारायण बघेल के साथ पत्नी के रूप में रह रही थीं, लेकिन नारायण का दिल अब किसी और के लिए धड़कने लगा था. भिंड की रहने वाली संगीता बघेल उसके जीवन में आ चुकी थी. दोनों अपने रिश्ते में इंद्रावती को सबसे बड़ी रुकावट मानते थे. इसी बात को लेकर इंद्रावती लगातार दवाव बना रही थी और कुछ महीनों पहले मेहगांव थाना में भी शिकायत कर चुकी थी.

पुलिस को जांच में पता चला कि नारायण बघेल का भिंड निवासी संगीता बघेल से प्रेम प्रसंग चल रहा है. संगीता शादीशुदा थी, लेकिन पति से अलग रह रही थी. दोनों के रिश्ते में इंद्रावती सबसे बड़ी बाधा बन रही थी. इसी बाधा को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए नारायण और संगीता ने साजिश रची और सूरत में उनके साथ काम करने वाले इटावा निवासी कुंदन बाथम को भी इसमें शामिल कर लिया.

आरोपियों ने कैसे दिया हत्या को अंजाम?

योजना के तहत नारायण और कुंदन इंद्रावती को साथ रखने का झांसा देकर सूरत से मथुरा फिर ग्वालियर होते हुए भिंड लेकर आए. भिंड से संगीता को भी साथ लिया और रास्ते में हत्या के लिए एक फावड़ा भी खरीदा, रात में अजनौल गांव के लिए वहां बस न मिलने के चलते पिपरौली बंबा पर चारों उतर गए. यहां से कुछ दूर पैदल चलने के बाद नारायण और कुंदन ने मिलकर इंद्रावती का गला दबाकर हत्या कर दी और उसकी पहचान छुपाने के लिए फावड़े से उसका सर कुचल दिया. इसके बाद शव को वहीं फेंक कर फरार हो गए.

कैसे पकड़ में आये आरोपी?

पुलिस ने मोबाइल लोकेशन सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया है. पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त फावड़ा जप्त कर लिया है. तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है. एक प्रेम कहानी जो नफरत और साजिश में बदल गई और एक महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी. मेहगाव पुलिस की सूझबूझ और तकनीकी जांच ने इस खौफनाक वारदात के राज से पर्दा उठाकर तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. अब कानून खौफनाक साजिश का हिसाब करेगा.

 



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