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अमेरिका बना रहा ईरान पर 3 दिनों तक भयंकर हमले का प्लान, टारगेट भी किए तय: रिपोर्ट | us can bomb iran 3 consecutive days with in three weeks report claims



अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेंटागन से ईरान के मिलिट्री और एनर्जी ठिकानों पर तीन दिनों तक जबरदस्त हमले करने की नई योजनाएं तैयार करवाई हैं. इन योजनाओं में ईरान के मिसाइल और ड्रोन जखीरे को मुख्य रूप से निशाना बनाने पर ध्यान दिया गया है. द न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले शुक्रवार को कैंप डेविड में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ इन योजनाओं की समीक्षा की. ‘एक्सियोस’ (Axios) न्यूज साइट ने भी युद्ध की नई योजनाओं के तैयार किए जाने की खबर दी थी.

कहां हो सकते हैं हमले

‘टाइम्स’ ने बताया कि हाल के महीनों में ईरान या यमन में ईरान-समर्थित हूती समूह के खिलाफ बड़े हमले के लिए ट्रंप के सामने पेश की गई यह छठी योजना है. ट्रंप ने इससे पहले की सभी योजनाओं को खारिज कर दिया था, हालांकि इस क्षेत्र में जहाजों और अमेरिकी सहयोगियों पर हुए हमलों के जवाब में अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर सीमित जवाबी हमले किए हैं. इस प्रस्ताव की जानकारी रखने वाले अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि नई योजनाओं में लगभग तीन दिनों तक जबरदस्त हमले करने की बात कही गई है. इन हमलों का मुख्य निशाना ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडार होंगे, जिन्हें युद्ध शुरू होने के बाद से काफी हद तक फिर से तैयार किया गया है. हमलों के लक्ष्यों में ऊर्जा से जुड़े ठिकाने और ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ के कमांड सेंटर भी शामिल हो सकते हैं.

कब तक हो सकते हैं हमले

रिपोर्ट में बताया गया है कि ‘थियोडोर रूज़वेल्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप’ के अमेरिकी तट से रवाना होकर उस क्षेत्र में पहले से मौजूद दो अन्य समूहों के साथ जुड़ने के बाद, 2003 के बाद पहली बार मध्य पूर्व में अमेरिका के तीन एयरक्राफ्ट कैरियर मौजूद होंगे. हालांकि, गुरुवार को ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सात महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए “फायदेमंद” बातचीत हो रही है. यह बात ‘चैनल 12’ की उस रिपोर्ट के उलट लगती है जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी अधिकारियों ने इज़रायल से ईरान पर तीन हफ्ते के अंदर बड़े हमले की तैयारी करने को कहा है. यह समय-सीमा मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले खत्म हो रही है.

ईरान क्या सोच रहा

राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा कि बातचीत के बाद भी अमेरिका के बार-बार हमलों के बावजूद ईरान बातचीत से पीछे नहीं हटेगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि तेहरान कूटनीति और युद्ध खत्म करने की कोशिशों के लिए प्रतिबद्ध है, साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ईरानी राष्ट्र के अधिकारों की रक्षा भी करेगा. पेज़ेश्कियान ने ये बातें तुर्कमेनिस्तान में ‘कॉमनवेल्थ ऑफ़ इंडिपेंडेंट स्टेट्स’ (CIS) के नेताओं के शिखर सम्मेलन और कैस्पियन सागर पर्यावरण शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई बैठक में कहीं. उन्होंने कहा, “अमेरिका सभी देशों पर अपनी नीतियां और विचार थोपने और अपना दबदबा कायम करने की कोशिश कर रहा है. अब वह दूसरे देशों को वे नीतियां मानने के लिए मजबूर कर रहा है जो उसने अपने देश में बनाई हैं.”

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