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अभिषेक बच्चन की ठुकराई फिल्म से चमक गई थी इस एक्टर की किस्मत, बॉक्स ऑफिस पर हुई थी छप्परफाड़ कमाई | Abhishek Bachchan rejected this actor took on the film went on to rake in massive earnings at the box office



नई दिल्ली:

मिलाप जावेरी की फिल्म ‘एक दीवाने की दीवानीयत’ से हर्षवर्धन राणे ने बॉलीवुड में शानदार वापसी की थी. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई की थी. हालांकि कम ही लोगों को पता होगा कि इस फिल्म के लिए पहली पसंद हर्षवर्धन राणे नहीं थे. जीहां दरअसल फिल्म की पहली पसंद अभिषेक बच्चन थे. अभिषेक को पहले फिल्म ऑफर हुई थी. विशाल मल्होत्रा ​​के साथ एक यूट्यूब चर्चा में मिलाप ने बताया कि ‘एक दीवाने की दीवानीयत’ की स्क्रिप्ट उनके पास कम से कम दस सालों से थी.

 उन्होंने इस फिल्म के लिए अभिषेक बच्चन से संपर्क किया था और वे इसमें काम करने के लिए राजी भी हो गए थे. मिलाप ने कहा, “मुझे अभिषेक बच्चन को क्रेडिट देना चाहिए, जिन्होंने कहानी सुनी और उन्हें यह बहुत पसंद आई. उन्होंने इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया और कहा, ‘मैं यह फिल्म करना चाहता हूं.’ दुर्भाग्य से, उस समय बात नहीं बन पाई.” मिलाप ने बताया कि 2021 में ‘सत्यमेव जयते 2’ के फ्लॉप होने के बाद, उन्होंने फिर से अभिषेक से संपर्क किया, लेकिन इस बार अभिनेता को लगा कि “अब इस कहानी को करने का समय निकल चुका है.” 
फिल्म निर्माता ने आगे बताया कि उस समय इस फिल्म का निर्देशन निशिकांत कामत करने वाले थे. ‘दृश्यम’ और ‘फोर्स’ जैसी फिल्मों का निर्देशन करने वाले निशिकांत का 2020 में निधन हो गया. मिलाप ने बताया कि ‘सनम तेरी कसम’ के दोबारा रिलीज होने के बाद, उन्होंने हर्षवर्धन को मैसेज किया और उन्होंने तुरंत काम करने के लिए हामी भर दी. जब फिल्म की कमाई के बारे में पूछा गया, तो मिलाप ने कोई सटीक आंकड़ा तो नहीं दिया, लेकिन इतना जरूर बताया कि फिल्म ने चार गुनी ज्यादा कमाई की.

‘एक दीवाने की दीवानियत’ – कहानी
हर्षवर्धन राणे और सोनम बाजवा स्टारर फिल्म ‘एक दीवाने की दीवानियत’ दिवाली 2025 पर रिलीज हुई. बिना किसी बड़े प्रचार-प्रसार के भी, ‘थम्मा’ जैसी फिल्म को टक्कर देते हुए इसने जल्द ही काफी लोकप्रियता हासिल कर ली. फिल्म में हर्षवर्धन राणे एक स्थानीय नेता के किरदार में थे, जो सोनम बाजवा के किरदार—जो कि एक अभिनेत्री हैं—का पीछा करने लगते हैं. मिलाप ने ‘मस्ती’, ‘प्यारे मोहन’ और ‘क्यों हो गया ना’ जैसी फिल्मों की पटकथा लिखी है. उन्होंने 2010 में ‘जाने कहां से आई है’ के साथ निर्देशन की दुनिया में कदम रखा और इसके बाद ‘मस्तीजादे’, ‘सत्यमेव जयते’ और ‘मरजावां’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया. उन्होंने ‘मस्ती 4’ का निर्देशन भी किया है.
 





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