

Rajasthan News: अगर आप गुजरात के प्रसिद्ध तीर्थस्थल अंबाजी के रास्तों से अक्सर गुजरते हैं या ट्रांसपोर्ट के काम से जुड़े हैं, तो यह खबर आपके बहुत काम की है. अंबाजी में विकास की एक नई और भव्य रूपरेखा तैयार हो रही है. यहां करोड़ों की लागत से एक शानदार ‘शक्ति कॉरिडोर’ बनने जा रहा है. इस बड़े निर्माण कार्य के दौरान आम लोगों की सुरक्षा बनी रहे और ट्रैफिक न बिगड़े, इसके लिए प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए एक नया ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया है. आइए, समझते हैं कि यह पूरा प्रोजेक्ट क्या है और नया रूट प्लान आपको कैसे प्रभावित करेगा.
क्या है ‘शक्ति कॉरिडोर’ प्रोजेक्ट?
अंबाजी मंदिर से लेकर गब्बर सर्कल तक एक बेहद भव्य ‘शक्ति कॉरिडोर’ बनाया जाएगा. इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 1632 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसे अंबाजी और इसके आसपास के इलाके की सबसे बड़ी विकास योजना माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में श्रद्धालुओं को एक अलग ही अनुभव मिलेगा. इस योजना के तहत मुख्य मंदिर, गब्बर पहाड़ी और मानसरोवर को आपस में जोड़कर एक सुंदर और सुगम मार्ग बनाया जाएगा. यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी पार्किंग, ठहरने की जगह, आधुनिक सुविधाएं और माता सती की कथाओं को दर्शाने वाली डिजिटल गैलरी बनाई जाएगी. इसका मुख्य उद्देश्य तीर्थयात्रियों की यात्रा को बेहद आसान, सुरक्षित और यादगार बनाना है.
भारी वाहनों की ‘नो-एंट्री’
बनासकांठा कलेक्टर और अंबाजी मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, निर्माण कार्य वाले इलाके में अब बड़े ट्रेलरों, ट्रकों और अन्य सभी भारी वाहनों की एंट्री बंद रहेगी.
कार और बस वालों के लिए राहत
हालांकि अगर आप दर्शन के लिए अपनी कार, बाइक या बस से जा रहे हैं, तो आपके लिए कोई रोक-टोक नहीं है. छोटी गाड़ियां, प्राइवेट वाहन और यात्री बसों की आवाजाही पहले की तरह ही सामान्य रूप से चलती रहेगी.
तो भारी वाहन अब कहां से गुजरेंगे?
ट्रकों और ट्रेलरों के लिए प्रशासन ने एक डायवर्जन तय किया है. इसके तहत, जो बड़े ट्रेलर और हैवी व्हीकल आबूरोड से अंबाजी की तरफ आते थे, वे अब सीधे न आकर पालनपुर होकर अपने गंतव्य तक जाएंगे. वहीं, हिम्मतनगर की तरफ से आबूरोड जाने वाले भारी वाहनों को अब दांता-पालनपुर मार्ग से डाइवर्ट किया जाएगा.
कब तक लागू रहेगी यह व्यवस्था?
चूंकि शक्ति कॉरिडोर का निर्माण एक बड़ा प्रोजेक्ट है, इसलिए यह ट्रैफिक व्यवस्था और डायवर्जन 25 मई से शुरू होकर 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगा. प्रशासन ने सभी ट्रक और ट्रेलर चालकों से अपील की है कि वे सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तय किए गए नए डायवर्जन रूट का ही पालन करें. इससे न सिर्फ निर्माण कार्य तेजी से पूरा हो सकेगा, बल्कि सड़क पर चलने वाले आम लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी.
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