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टॉपर पांशुल बंसल ने बताया NEET UG की तैयारी का मंत्र, इन किताबों की मदद से मिली इतनी बड़ी सफलता | success story South Delhi Panshul Bansal secures All India Rank 2 books name rank



NEET-UG में इस बार दिल्ली के छात्र पांशुल बंसल ने ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल कर बड़ी सफलता अपने नाम की है. ग्रेटर कैलाश-1 स्थित केआर मंगलम वर्ल्ड स्कूल के छात्र पांशुल की इस उपलब्धि से परिवार, स्कूल और शिक्षकों में खुशी का माहौल है. पांशुल का कहना है कि लगातार मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया. दिल्ली के जीके-1 स्थित केआर मंगलम वर्ल्ड स्कूल के छात्र पांशुल बंसल ने NEET-UG परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल कर राजधानी का नाम रोशन किया है. लाखों अभ्यर्थियों के बीच यह स्थान हासिल करना आसान नहीं था, लेकिन पांशुल ने अपनी मेहनत, लगन और नियमित पढ़ाई के दम पर यह मुकाम हासिल किया.

पांशुल बंसल ने बताया सफलता का मंत्र

पांशुल बंसल ने कहा, मैंने अपनी तैयारी NCERT से की थी. इसके साथ रिवीजन करता रहा. वहीं पेपर कैंसल होने के सवाल पर पांशुल बंसल ने कहा, जैसे ही ये खबर मिली तो पहले तो ऐसा लगा कि ये क्यों हुआ, फिर लगा की हो गया तो हो गया, फिर तैयारी में जुट गया. किन-किन किताबों से एग्जाम की पढ़ाई की? इस सवाल के जवाब पर पांशुल बंसल ने कहा, NCERT की किताबों के साथ-साथ पिछले साल के पेपर अच्छे से पढ़े और मॉक टेस्ट से काफी मदद मिली.

दूसरे छात्रों के लिए प्रेरणा

पांशुल की इस सफलता पर स्कूल में भी खुशी का माहौल है. स्कूल की प्रिंसिपल शालिनी अग्रवाल ने इसे पूरे स्कूल परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया. उन्होंने कहा कि पांशुल की सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और निरंतर मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि पांशुल की यह उपलब्धि दूसरे छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनेगी.

बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाएं

पांशुल के पिता ने भी बेटे की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्होंने कभी अपने बेटे पर पढ़ाई का दबाव नहीं बनाया. उनका मानना है कि बच्चों को प्रेशर नहीं, बल्कि मोटिवेशन और भरोसे की जरूरत होती है. उन्होंने कहा कि पिछले साल NEET परीक्षा को लेकर पेपर लीक जैसी घटनाओं से कई छात्र मानसिक रूप से प्रभावित हुए थे, लेकिन पांशुल ने उन परिस्थितियों से उबरकर दोबारा पूरी मेहनत के साथ तैयारी की और आज यह शानदार सफलता हासिल की. उन्होंने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों पर अनावश्यक दबाव न बनाएं, बल्कि उनका आत्मविश्वास बढ़ाएं और हर परिस्थिति में उनका साथ दें.

पांशुल बंसल की यह सफलता सिर्फ एक रैंक की कहानी नहीं, बल्कि धैर्य, निरंतर मेहनत और सकारात्मक माहौल की ताकत का उदाहरण है. ऐसे समय में जब प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव छात्रों पर लगातार बढ़ रहा है, पांशुल और उनके परिवार का संदेश यही है कि बच्चों पर दबाव नहीं, भरोसा और प्रोत्साहन उन्हें बड़ी सफलता तक पहुंचाता है. ऑल इंडिया रैंक-2 हासिल कर पांशुल बंसल ने न केवल अपने परिवार और स्कूल, बल्कि पूरी दिल्ली का नाम रोशन किया है। अब उनकी सफलता लाखों NEET अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है.

Wasim Firoz की रिपोर्ट

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