धर्म

Amarnath Yatra: बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए बड़ी खबर, शुरुआती 2 दिनों में ही श्रद्धालुओं की संख्या ने चौंकाया


Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा के दूसरे दिन 14,515 तीर्थयात्रियों ने पवित्र गुफा में माथा टेका. अब तक कुल 26,863 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जबकि 6,400 से अधिक यात्रियों का नया जत्था जम्मू बेस कैंप से कश्मीर के लिए रवाना हुआ है.

वार्षिक अमरनाथ यात्रा पूरे उत्साह और कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है. यात्रा के दूसरे दिन 14,515 तीर्थयात्रियों ने पवित्र बर्फानी शिवलिंग के दर्शन किए. अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यात्रा के शुरुआती दो दिनों में गुफा मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 26,863 तक पहुंच गई है.

इस बीच, तीर्थयात्रियों का उत्साह बढ़ाने के लिए प्रशासन ने सभी जरूरी इंतजाम किए हैं. आज सुबह जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से पाँच हजार से ज्यादा यात्रियों का तीसरा जत्था घाटी के लिए रवाना हो चुका है.

पहले दो दिनों के आंकड़े: एक नज़र में

अधिकारियों के अनुसार, इस साल यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है. आंकड़ों की बात करें तो:

  • पहला दिन: लगभग 12,168 तीर्थयात्रियों ने पवित्र गुफा के दर्शन किए.
  • दूसरा दिन: 14,515 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के सामने मत्था टेका.
  • कुल दर्शन: शुरुआती दो दिनों में कुल 26,863 लोग दर्शन कर चुके हैं.

पहले दिन का जनसांख्यिकीय विवरण (Demographics): पहले दिन दर्शन करने वाले 12,168 श्रद्धालुओं में लगभग 9,350 पुरुष, 2,250 महिलाएँ, 200 से ज़्यादा बच्चे, 70 साधु, 9 ट्रांसजेंडर तीर्थयात्री और 260 से ज़्यादा सुरक्षाकर्मी शामिल थे.

बालटाल और नुनवान के लिए रवाना हुआ तीसरा जत्था

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, 6,400 से ज़्यादा तीर्थयात्रियों का तीसरा जत्था आज सुबह जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से रवाना हुआ. यह जत्था दो अलग-अलग काफिलों में कुल 291 वाहनों में सवार होकर बालटाल और नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप के लिए निकला है. ये श्रद्धालु कल सुबह अपनी आगे की पैदल तीर्थयात्रा शुरू करेंगे.

तीसरे जत्थे (6,411 तीर्थयात्री) का विवरण:

  • पुरुष: 4,723
  • महिलाएँ: 1,071
  • बच्चे: 37
  • साधु-साध्वियाँ: 580

28 अगस्त तक चलेगी 57 दिवसीय यात्रा

आपको बता दें कि 57 दिनों तक चलने वाली यह पवित्र अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को औपचारिक रूप से शुरू हुई थी. यह यात्रा 28 अगस्त को रक्षा बंधन के पावन अवसर पर समाप्त होगी. प्रशासन ने दोनों रूटों (बालटाल और पहलगाम) पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और लंगर के पुख्ता इंतजाम किए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

Input By : आसिफ़ कुरैशी



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