मध्य प्रदेश

Himachal: HRTC कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार का बड़ा एक्शन, 6 महीने के लिए लागू किया ESMA


हिमाचल प्रदेश में HRTC कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल से पहले राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की हड़ताल पर अगले 6 महीने के लिए रोक लगा दी है. इसके लिए प्रदेश में हिमाचल प्रदेश आवश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम ESMA लागू कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि आम लोगों की सुविधा और जरूरी सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है.

HRTC चालक-परिचालक यूनियन ने 24 जून की रात 12 बजे से चक्का जाम और हड़ताल का ऐलान किया था. यूनियन की चेतावनी के बाद सरकार ने हालात को देखते हुए एहतियाती कदम उठाया. सरकार को आशंका थी कि हड़ताल होने पर प्रदेश भर में बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिससे लाखों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता.

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परिवहन सेवाओं को बताया जरूरी सेवा

परिवहन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सार्वजनिक परिवहन सेवाएं आम जनता की आवाजाही, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, कानून-व्यवस्था और जनहित से सीधे जुड़ी हुई हैं. ऐसे में यदि बस सेवाएं बाधित होती हैं तो इसका असर पूरे प्रदेश पर पड़ सकता है. इसी वजह से सरकार ने ESMA लागू करने का फैसला लिया है.

सरकार ने साफ किया है कि HRTC और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से जुड़े कर्मचारी अब किसी भी तरह की हड़ताल, कार्य बहिष्कार, सामूहिक अवकाश या गो-स्लो आंदोलन में हिस्सा नहीं ले सकेंगे.

किसी भी कर्मचारी को हड़ताल शुरू करने, उसमें भाग लेने या उसे बढ़ावा देने की अनुमति नहीं होगी. साथ ही ऐसी किसी भी गतिविधि पर रोक रहेगी जिससे बसों का सामान्य संचालन प्रभावित हो.

उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई

अधिसूचना के मुताबिक ESMA लागू होने के बाद अगर कोई कर्मचारी या संगठन हड़ताल करता है तो उसे अवैध माना जाएगा. ऐसे मामलों में संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. सरकार ने कर्मचारियों को नियमित रूप से ड्यूटी करने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए हैं.

ESMA के तहत कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है. अगर कोई कर्मचारी या संगठन प्रतिबंध के बावजूद हड़ताल करता है या काम करने से इनकार करता है तो पुलिस उसे बिना वारंट गिरफ्तार कर सकती है. दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है.

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सरकार ने HRTC प्रबंधन, जिला उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों को आदेशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले छह महीने या सरकार के अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा. ऐसे में 25 जून से प्रस्तावित HRTC कर्मचारियों की हड़ताल पर फिलहाल कानूनी रोक लग गई है.



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