
Aaj Ka Panchang: मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में कार्तिक कृष्ण नवमी सुबह 11:54 बजे तक है. इसके बाद दशमी लग जाएगी. आज शुभ काम का समय देखते हुए दो बातें ध्यान रखें. राहुकाल दोपहर में है, जबकि भद्रा देर रात शुरू होगी. इसलिए दिनभर भद्रा रहने का भ्रम न रखें.
अभिजीत मुहूर्त में भी आज समय का फर्क समझना जरूरी है. इसके बीच में गुलिक काल शुरू हो रहा है. वहीं, रात में मघा नक्षत्र समाप्त होने के साथ गंडमूल खत्म होगा, लेकिन भद्रा जारी रहेगी. पूजा और किसी नए काम की योजना बनाने से पहले दिन का पूरा क्रम जान लें.
3 नवंबर का पंचांग एक नजर में
वार- मंगलवार
पूर्णिमांत मास- कार्तिक
पक्ष- कृष्ण
तिथि- नवमी सुबह 11:54 तक, फिर दशमी
नक्षत्र- मघा, 4 नवंबर तडके 03:26 तक
योग- शुक्ल सुबह 09:54 तक, फिर ब्रह्म
करण- गर सुबह 11:54 तक, वणिज रात 11:25 तक, फिर विष्टि
आज चंद्रमा का राशि परिवर्तन नहीं होगा. नक्षत्र बदलने के बाद भी चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा. तिथि, नक्षत्र और राशि को एक ही बदलाव न समझें. इनकी गणना अलग-अलग होती है.
आज भद्रा कब लगेगी और कब खत्म होगी?
भद्रा रात 11:25 बजे शुरू होगी और 4 नवंबर को सुबह 11:03 बजे समाप्त होगी. यानी मंगलवार की सुबह, दोपहर और शाम भद्रा नहीं है. रात में वणिज करण समाप्त होकर विष्टि करण शुरू होगा. इसी को भद्रा कहा जाता है.
पंचांग में भद्रा का समय अगले सूर्योदय तक दिखने पर उसे वहीं समाप्त न मान लें. बुधवार सुबह भी इसका कुछ हिस्सा बाकी रहेगा. कोई मांगलिक आयोजन तय कर रहे हैं तो शुरुआत और समाप्ति, दोनों समय देखना काम आएगा.
भद्रा का विचार परंपरा में विशेष मांगलिक कार्यों के लिए किया जाता है. इसे रोज की प्रार्थना, हनुमान चालीसा या घर की नियमित पूजा रोकने का कारण न बनाएं.
अभिजीत मुहूर्त में गुलिक काल का क्या अर्थ है?
आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:42 से दोपहर 12:26 बजे तक है. गुलिक काल दोपहर 12:04 बजे शुरू होगा. दोनों समयों को साथ देखें तो अभिजीत का शुरुआती हिस्सा गुलिक काल से बाहर है.
गुलिक काल से बचने की परंपरा मानते हैं तो यह अंतर उपयोगी है. हालांकि, इस छोटे हिस्से को विवाह, गृह प्रवेश या हर तरह की खरीदारी का तय मुहूर्त समझना भी सही नहीं होगा. ऐसे कामों में आयोजन के अनुसार दूसरी स्थितियां भी देखी जाती हैं.
विजय मुहूर्त दोपहर 01:54-02:39 बजे है और राहुकाल इसके बाद शुरू होगा. इस तरह आज विजय मुहूर्त और राहुकाल आपस में नहीं टकरा रहे हैं.
आज राहुकाल और बाकी समय क्या हैं?
नीचे सभी समय नई दिल्ली के हैं. तालिका में 24 घंटे वाली घडी का इस्तेमाल किया गया है. जहां तारीख नहीं लिखी है, वह समय 3 नवंबर का है.
राहुकाल- 14:50-16:12
यमगण्ड- 09:19-10:42
गुलिक काल- 12:04-13:27
दुष्टमुहूर्त- 08:46-09:30, 22:47-23:39
वर्ज्य- 15:36-17:11
ब्रह्म मुहूर्त- 04:50-05:42
अभिजीत मुहूर्त- 11:42-12:26
विजय मुहूर्त- 13:54-14:39
गोधूलि मुहूर्त- 17:35-18:01
निशिता मुहूर्त- 23:39-4 नवंबर 00:31
अमृत काल- 4 नवंबर 01:04-02:39
चंद्रास्त- 13:59
अगला चंद्रोदय- 4 नवंबर 01:47
दोपहर में राहुकाल खत्म होने के बाद भी वर्ज्य कुछ समय जारी रहेगा. इसलिए केवल राहुकाल की समाप्ति देखकर उसी क्षण को हर शुभ कार्य की शुरुआत का समय न चुनें. शुभ-अशुभ समय का यह विचार धार्मिक परंपरा का हिस्सा है.
गंडमूल खत्म होगा तो क्या भद्रा भी हट जाएगी?
नहीं. 4 नवंबर तडके 03:26 बजे मघा से पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में परिवर्तन होगा और गंडमूल समाप्त हो जाएगा. भद्रा उससे अलग है और बाद तक रहेगी. दोनों का आधार अलग होने से एक के समाप्त होने पर दूसरा अपने आप समाप्त नहीं होता.
गंडमूल का संबंध ज्योतिषीय परंपरा में कुछ नक्षत्रों और जन्म नक्षत्र के विचार से है. केवल इसका नाम देखकर किसी बच्चे या परिवार के लिए अनिष्ट का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है. जन्म संबंधी व्याख्या में पूरी कुंडली देखी जाती है.
आज नक्षत्र पंचक नहीं है. सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, रवि योग और द्विपुष्कर-त्रिपुष्कर योग भी दिन के पंचांग में सूचीबद्ध नहीं हैं. अमृत काल को अमृत सिद्धि योग न समझें. आज कोई प्रमुख पारण या पर्व-विशेष पूजा समय भी दर्ज नहीं है.
आज की 3 जरूरी बातें
– नवमी सुबह समाप्त होगी. इससे नियमित पूजा बंद करने की कोई समय-सीमा तय नहीं होती.
– भद्रा देर रात लगेगी और बुधवार की सुबह तक जारी रहेगी.
– गंडमूल और भद्रा अलग हैं. एक का समाप्त होना दूसरे की समाप्ति नहीं है.

