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मैं कोई अलग मिट्टी का नहीं बना…IAAS अधिकारी लोकेश दताल ने बताया सफलता का असली मंत्र | iaas officer lokesh datal success story upsc rank inspiring video



 IAAS Lokesh Datal Success Story: भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवा के अधिकारी लोकेश दताल ने अपनी जिंदगी की सच्चाई और सफलता का मूलमंत्र साझा किया है. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर बताया कि वह भी बाकी लोगों जैसे ही हैं, लेकिन उनकी कुछ आदतों ने उन्हें सफलता तक पहुंचाया. IAAS अधिकारी लोकेश दताल ने वीडियो में कहा, “बहुत लोग मुझे कहते हैं, ‘सर, हमें आपके जैसा बनना है.’ मैं कहता हूं, ‘भाई, मैं भी तुम्हारे जैसा ही हूं.’ मुझे भी सुबह उठने का मन नहीं करता. मेरा भी जिम स्किप करने का मन करता है. मेरा भी पढ़ने का मन नहीं करता था. मुझे भी फेलियर से डर लगता है. मुझे भी कभी-कभी लगता है कि शायद मुझसे नहीं हो पाएगा. मैं कोई अलग मिट्टी का नहीं बना हूं.

बस एक छोटा-सा फर्क है. जहां तुम थककर रुक जाते हो, मैं वहां थोड़ा और चल लेता हूं. जहां तुम फेलियर को अपनी किस्मत समझ लेते हो, वहां मैं उसे एक और प्रयास समझ लेता हूं. और जहां तुम खुद से कह देते हो कि, ‘छोड़ यार, मुझसे नहीं होगा’, मैं खुद से कहता हूं, ‘एक बार और ट्राई कर लेते हैं ना.’ बस इतना-सा फर्क है. मैं तुमसे बेहतर नहीं हूं, भाई. मैं जिंदगी में उस पॉइंट पर भी नहीं रुका, जहां अक्सर लोग हार मान लेते हैं. जो तेरा है, वो जाकर ले.” 

लोकेश दताल कौन हैं?

लोकेश दताल भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा सेवा (IAAS) के वर्ष 2017 बैच के अधिकारी हैं. अप्रैल 2026 में उन्होंने प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी), बिहार के कार्यालय में वरिष्ठ उप महालेखाकार (प्रशासन एवं जी.ई.) के पद पर कार्यभार ग्रहण किया.

लोकेश दताल उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भारत-चीन सीमा के पास स्थित दारमा घाटी के गांव दांतू के निवासी हैं. उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2016 में 1055वीं रैंक हासिल की थी. उनके पिता महेंद्र सिंह दताल मनोरंजन कर विभाग में डिप्टी कमिश्नर पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं. उनकी मां पार्वती दताल प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं.

लोकेश दताल स्कूल के समय से ही मेधावी छात्र रहे हैं. उन्होंने हर कक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की. उनकी शुरुआती पढ़ाई हल्द्वानी के सेंट थेरेसा स्कूल में हुई. इसके बाद उन्होंने रुद्रपुर के होली चाइल्ड स्कूल से इंटरमीडिएट की शिक्षा प्राप्त की और एनआईटी कृष्णापल्ली, तमिलनाडु से बीटेक की डिग्री हासिल की.

लोकेश दताल उत्तराखंड और पंजाब में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं. उनकी कार्यशैली की खूब सराहना होती है. दताल की पहचान एक ईमानदार और कर्मठ अधिकारी के रूप में की जाती है.

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