

कोलकाता:
बजरंग दल के 13 कार्यकर्ताओं के खिलाफ धर्म परिवर्तन के नाम पर ईसाई परिवार को धमकाने का बड़ा आरोप लगाया है. दर्ज FIR में पीड़ित परिवार की नाबालिग बेटी की मुस्लिम से शादी कराने और रेप तक की धमकी शामिल हैं. मामला पश्चिम बंगाल से सामने आया है. जहां शिकायत के बाद पुलिस ने पीड़ित परिवार के घर के बाहर जवानों की तैनाती कर दी है. दरअसल पश्चिम मेदिनीपुर जिले में तीन ईसाई परिवारों ने कुछ बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर हमले, धमकी और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है.
दुर्गा पूजा के दौरान मारपीट, शुद्धिकरण के नाम पर सार्वजनिक स्नान
20 अक्टूबर को दर्ज FIR में एक महिला ने आरोप लगाया कि दुर्गा पूजा के दौरान उसके साथ मारपीट की गई और ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर सार्वजनिक रूप से स्नान कराया गया. शिकायत में नाबालिग बेटी को धमकाने, मुस्लिम युवक से जबरन शादी कराने और दुष्कर्म की धमकी देने के आरोप भी लगाए गए हैं.
परिवारों का कहना है कि पुलिस में शिकायत करने पर उन्हें जिंदा जलाने तक की धमकी दी गई. FIR में 13 लोगों को नामजद किया गया है. पीड़ितों के घर के बाहर सुरक्षा के लिए पुलिस पिकेट तैनात कर दी गई है.
नवरात्रि की अष्टमी को घर पहुंचकर दी धमकी
20 अक्टूबर को चंद्रकोणा थाने में दर्ज FIR के अनुसार, शिकायतकर्ता लक्ष्मी मंडल ने आरोप लगाया कि 18 अक्टूबर को नवरात्रि की अष्टमी को दोपहर करीब 3:30 बजे बजरंग दल से जुड़े लोगों का एक समूह उनके घर पहुंचा और उन्हें ईसाई धर्म छोड़ने की धमकी दी. FIR में महिलाओं समेत 13 लोगों को नामजद किया गया है.
मारपीट की, साड़ी तक उतार दी गई, सबके सामने स्नान करवाया
शिकायत में कहा गया है कि दुर्गा पूजा की सप्तमी के दिन उनके साथ मारपीट की गई, जिससे वह बेहोश हो गईं. होश आने पर उन्हें पता चला कि उनकी साड़ी उतार दी गई थी और “शुद्धिकरण” के नाम पर सार्वजनिक रूप से उन्हें स्नान कराया गया.
नाबालिग बेटी से रेप तक की धमकी
FIR के मुताबिक, करीब एक घंटे बाद आरोपियों में से एक ने उनकी नाबालिग बेटी को धमकाते हुए कहा कि उसकी शादी किसी मुस्लिम युवक से करा दी जाएगी और उसके साथ दुष्कर्म किया जाएगा. आरोप है कि पुलिस में शिकायत करने पर तीनों परिवारों को जिंदा जला देने की धमकी भी दी गई.
घर के बाहर पुलिस पिकेट तैनात
शिकायत के बाद से पुलिस ने परिवारों की सुरक्षा के लिए उनके घर के बाहर 24 घंटे पुलिस पिकेट तैनात कर दी है. FIR की प्रति के अनुसार, लक्ष्मी मंडल ने उसी दिन शाम 6:30 बजे पुलिस सहायता के लिए डायल-100 पर कॉल किया था. पुलिस मौके पर पहुंची और उनकी शिकायत सुनी.
20 अक्टूबर को फिर दी धमकी
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें, उनके पति और अन्य लोगों को उनकी इच्छा के विरुद्ध दुर्गा पूजा पंडाल ले जाकर धार्मिक अनुष्ठान करवाए गए. शाम 7:30 बजे उनके पति अशोक मंडल को घर से उठा लिया गया और परिवार के अन्य सदस्यों को जान से मारने की धमकी दी गई. FIR में यह भी कहा गया है कि 20 अक्टूबर को पीड़ित परिवार को फिर से धमकियां मिलीं और उन्हें घर में बंद कर दिया गया.
पुलिस ने नामजद 13 आरोपियों और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 329(4), 115(2), 117(2), 109(3), 76, 303(2), 351(3), 79 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है.
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