

नई दिल्ली:
दुनिया इस समय भविष्य की अलग-अलग सोच और चुनौतियों का सामना कर रही है. ऐसे समय में एनडीटीवी राजनीति, कूटनीति, कारोबार, तकनीक और संस्कृति की बड़ी हस्तियों को एक मंच पर ला रहा है. मौका होगा NDTV World Summit 2026 का. इस सम्मेलन के तीसरे संस्करण में उन फैसलों पर चर्चा होगी, जो पूरी मानवता का भविष्य तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. दिल्ली में 22-23 अक्टूबर को आयोजित होने वाले इस सम्मेलन का विषय है ‘व्यवस्थाओं के बीच फंसी दुनिया’ (A World Between Orders). यह विषय ऐसे दौर की तस्वीर पेश करता है, जब दुनिया की पुरानी व्यवस्थाओं और संस्थाओं का प्रभाव कम हो रहा है, जबकि भविष्य की नई व्यवस्था अभी स्पष्ट नहीं है.
पीएम मोदी देंगे उद्घाटन भाषण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन में मुख्य वक्ता होंगे. वो उद्घाटन भाषण देंगे. दो दिन के इस सम्मेलन में राजनीति, कूटनीति, विज्ञान,उद्यमिता और रचनात्मकता से जुड़े लोग अपने विचार साझा करेंगे. इसका उद्देश्य तेजी से बदलती दुनिया को समझना और उसके सामने खड़े सवालों पर चर्चा करना है. सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय नेता, राजनयिक और विचारक भी हिस्सा लेंगे. इस मंच पर वे दुनिया में हो रहे आर्थिक और रणनीतिक बदलावों पर चर्चा करेंगे. संयुक्त अरब अमीरात के अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री, नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले और श्रीलंका के उद्योग व उद्यमिता विकास उप मंत्री चतुरंगा अभयसिंघे अपने-अपने देशों के नजरिए से इन मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे. इन देशों के साथ भारत के आर्थिक और रणनीतिक संबंध लगातार महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं.
अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के पूर्व निदेशक, केकेआर के पार्टनर और केकेआर ग्लोबल इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष जनरल डेविड पेट्रायस संघर्षों और तकनीकी बदलावों पर चर्चा में हिस्सा लेंगे. कांग्रेस सांसद और संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति के अध्यक्ष शशि थरूर मौजूदा हालात को आकार देने वाली ऐतिहासिक और राजनीतिक ताकतों पर अपने विचार रखेंगे.
इस चर्चा में भारत में जर्मनी के राजदूत डॉ. जैस्पर वीक, भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत जीन एरिक पाके और भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन भी शामिल होंगे. अफ्रीका 50 के प्रिंसिपल इन्वेस्टमेंट फंड के सीईओ जलाल खिमदजी निवेश, विकास और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर अफ्रीका का नजरिया सामने रखेंगे.
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AI और तकनीक पर भी होगी चर्चा
NDTV World Summit 2026 के तकनीक से जुड़े सत्रों में डीपलर्निंग एआई के संस्थापक, एआई फंड के मैनेजिंग जनरल पार्टनर और कोर्सेरा के अध्यक्ष व सह-संस्थापक एंड्रयू एनजी हिस्सा लेंगे. वे बताएंगे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनने से किस तरह के नए अवसर पैदा हो रहे हैं. एआई पर व्यापक चर्चा में भविष्य के विशेषज्ञ और एआई विशेषज्ञ माइक वॉल्श, एआई शोधकर्ता और गूगल डीपमाइंड के पूर्व रिसर्च साइंटिस्ट एलेक्स टर्नर और माइक्रोसॉफ्ट में एआई और साइबर सुरक्षा नीति के निदेशक निकोलस बट्स भी शामिल होंगे. ये विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा करेंगे कि तेजी से आगे बढ़ती तकनीक का संगठनों, समाज और रणनीतिक मामलों पर क्या असर पड़ रहा है. इसके साथ ही, वे इस सवाल पर भी विचार करेंगे कि तकनीक की रफ्तार के साथ तालमेल बिठाने और उसे सही तरीके से नियंत्रित करने में संस्थानों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.
वैश्विक बदलावों में भारत की भूमिका
आज के बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में भारत की भूमिका सम्मेलन का एक प्रमुख विषय होगी. विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर भारत के सामने मौजूद कूटनीतिक चुनौतियों और विकल्पों पर अपने विचार रखेंगे. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा देश की आर्थिक स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे. रेल, सूचना-प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव भारत की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं पर सरकार का नजरिया पेश करेंगे. उनके सत्र में सेमीकंडक्टर निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल बुनियादी ढांचे पर चर्चा होगी. इन विषयों को भारत की आर्थिक प्रतिस्पर्धा और वैश्विक तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला में देश की भूमिका से जोड़कर देखा जाएगा.
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अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के सीईओ शिवकुमार कल्याणरमन और भारतीय विज्ञान संस्थान के प्रोफेसर डी सुब्रमण्यम भारत के भविष्य में शोध और वैज्ञानिक क्षमता की भूमिका पर अपने विचार रखेंगे.
इंसान, उसकी आस्था और उसके जीवन का उद्देश्य
NDTV World Summit 2026 में न्यूयॉर्क की वेदांत सोसाइटी के रेजिडेंट मिनिस्टर स्वामी सर्वप्रियानंद और बीएपीएस के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता और अबू धाबी स्थित बीएपीएस हिंदू मंदिर के प्रमुख ब्रह्मविहारी स्वामीजी भी हिस्सा लेंगे.इस सत्र में चेतना, आस्था और मानव जीवन के उद्देश्य जैसे विषय शामिल होंगे. इससे तकनीक की क्षमता पर केंद्रित चर्चा को एक दार्शनिक और मानवीय दृष्टिकोण भी मिलेगा.
कारोबार जगत से निवेशक और उद्यमी निखिल कामथ, रेमंड ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर गौतम सिंघानिया और वीएफएस ग्लोबल के संस्थापक और सीईओ जुबिन करकारिया सम्मेलन में शामिल होंगे. वे निवेश, संस्थानों को लंबे समय तक सफल बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों की आवाजाही से जुड़े मुद्दों पर अपने अनुभव साझा करेंगे.
माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष पुनीत चंडोक, उबर के एशिया-प्रशांत क्षेत्र में राइड्स के वाइस प्रेसिडेंट और रीजनल जनरल मैनेजर डोमिनिक टेलर और नथिंग के सह-संस्थापक अकीस इवेंजेलिडिस भी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. वे नवाचार, कारोबार और भारतीय उद्यमियों की महत्वाकांक्षाओं के लिए दुनिया में मौजूद अवसरों पर चर्चा करेंगे.
कार्यक्रम में ऊर्जा, एयरोस्पेस, वित्त, डिजिटल भुगतान और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों के प्रमुख लोगों के अनुभव भी शामिल होंगे. इनमें अवाडा ग्रुप के विनीत मित्तल, जीई एयरोस्पेश के विक्रम राय, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के सचिन जैन,फोनपे के दीप अग्रवाल, मशरेक इंडिया के तुषार विक्रम और क्वाइनस्विच और Lemonn के आशीष सिंघल शामिल हैं.
संस्कृति और रचनात्मकता की दुनिया
सम्मेलन में संस्कृति और रचनात्मकता को भी खास जगह दी जाएगी. बास वादक और संगीतकार मोहिनी डे संगीत के जरिए अपने विचार साझा करेंगी.ट्रेसइंड स्टूडियो के एग्जीक्यूटिव शेफ और कुलिनरी डायरेक्टर हिमांशु सैनी, एलएसएल कैपिटल की सीईओ एवं क्रिएटिव डायरेक्टर संयुक्ता नायर और पत्रकार-लेखक वीर सांघवी भारतीय खानपान के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव पर अपने विचार रखेंगे.
प्रैक्टिकल-6 की संस्थापक-सीईओ और AI अभिनेता टिली नॉरवुड की निर्माता एलाइन वान डेर वेल्डेन भी सम्मेलन में शामिल होंगी. वह तकनीक और रचनात्मक अभिव्यक्ति के बीच बदलते संबंधों पर चर्चा करेंगी. अभिनेत्री, निर्माता और उद्यमी कृति सेनन समकालीन सिनेमा, कारोबार और समाज में सार्वजनिक हस्तियों के बदलते प्रभाव पर अपने विचार साझा करेंगी.
सम्मेलन में कई महिला खिलाड़ी भी अपने अनुभव साझा करेंगी. इनमें कुमकुम मोहोड, नीरू धांडा, लवलीना बोरगोहेन, प्रणवी उर्स, सविता पुनिया और नेहा गोयल शामिल हैं. वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने, दबाव का सामना करने और सफलता हासिल करने से जुड़े अपने अनुभव साझा करेंगी.
NDTV World Summit के तीसरे संस्करण में अलग-अलग क्षेत्रों की इन हस्तियों के विचारों के जरिए यह समझने की कोशिश की जाएगी कि सरकारों, कारोबार, वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं और सांस्कृतिक संस्थानों में लिए जा रहे फैसले किस तरह दुनिया के साझा भविष्य को आकार दे रहे हैं. ऐसे दौर में, जब दुनिया की पुरानी व्यवस्थाएं बदल रही हैं और नई व्यवस्थाएं अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, तब सही फैसले लेना और उन फैसलों तक पहुंचने के लिए गंभीर चर्चा करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है.
यह सम्मेलन NDTV नेटवर्क पर लाइव प्रसारित होगा जिससे भारत और दुनिया भर के दर्शक इन चर्चाओं से जुड़ सकें. NDTV के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल ने सम्मेलन के बारे में कहा,”दुनिया कई मोर्चों पर एक साथ बदल रही है.इन बदलावों के परिणाम एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. तकनीक से जुड़े फैसले अब आर्थिक प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करते हैं. एक क्षेत्र में होने वाले बदलाव दूसरे क्षेत्र की संभावनाओं को बदल सकते हैं. NDTV World Summit में हम इन संबंधों को समझना चाहते हैं और यह जानना चाहते हैं कि भारत और पूरी दुनिया के लिए इनके क्या मायने हैं.”
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