खबर

किस बर्तन में काढ़ा बनाना चाहिए? यूनानी एक्सपर्ट ने बताया काढ़ा कितनी देर उबालना चाहिए और बनाने का सही तरीका | kis bartan me kadha banana chahiye, Unani Expert Ne Bataya kadha kitni der ubale aur banane ka sahi tarika



सर्दियों का मौसम दस्तक दे रहा हो या फिर घर में किसी को सर्दी-जुकाम और खांसी की शिकायत हो, हमारे देश में सबसे पहले काढ़ा याद आता है. दादी-नानी के ज़माने से चला आ रहा यह घरेलू नुस्खा आज भी हर घर का पहला इलाज है. कोरोना काल के बाद से तो काढ़े का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस काढ़े को हम सेहतमंद समझकर पी रहे हैं, उसे बनाने का अगर सही तरीका न पता हो तो वह शरीर को फायदा पहुंचाने की जगह नुकसान भी कर सकता है?

अक्सर लोग सोचते हैं कि मसालों को घंटों तक उबालने से काढ़ा बहुत ताकतवर और असरदार बन जाता है. वहीं कई लोग इस बात पर ध्यान ही नहीं देते कि काढ़ा किस चीज के बर्तन में पकाया जा रहा है. इस बारे में हमने बात की डॉक्टर सैयद अहमद खान से, जो नई दिल्ली के मशहूर सफदरजंग अस्पताल में यूनानी विभाग के पूर्व प्रमुख रह चुके हैं. उन्होंने काढ़ा बनाने के सही तरीके, बर्तन के चुनाव और इसे कितनी देर पकाना चाहिए, इस पर बहुत ही काम की बातें शेयर की हैं.

किस बर्तन में काढ़ा बनाना चाहिए?

डॉक्टर के अनुसार, काढ़ा बनाने के लिए मिट्टी का बर्तन सबसे बेस्ट माना जाता है. पारंपरिक यूनानी और आयुर्वेदिक चिकित्सा में मिट्टी के बर्तनों को प्राथमिकता दी जाती है क्योंकि यह धीमी आंच पर जड़ी-बूटियों के पोषक तत्वों को सुरक्षित रखता है. हालांकि, आज के समय में रोजाना मिट्टी के बर्तन का इस्तेमाल करना हर किसी के लिए आसान नहीं रह गया है. इसकी देखभाल और साफ-सफाई में थोड़ा वक्त लगता है.

डॉक्टर आगे बताते हैं कि अगर आपके पास मिट्टी का बर्तन नहीं है या उसका इस्तेमाल मुश्किल लगता है, तो चिंता की कोई बात नहीं है. आप आराम से स्टेनलेस स्टील के बर्तन का इस्तेमाल कर सकते हैं. स्टील के बर्तन में काढ़ा बनाना बिल्कुल सुरक्षित है और इससे काढ़े के औषधीय गुणों पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता.

काढ़ा कितनी देर उबालना चाहिए?

ज्यादातर लोगों की आदत होती है कि पानी में तुलसी, दालचीनी, अदरक, लौंग और काली मिर्च डालकर उसे तब तक उबालते रहते हैं जब तक पानी आधा न रह जाए. इसमें कई बार 15 से 20 मिनट का समय लग जाता है. लेकिन डॉ. सैयद अहमद खान ने का कहना कुछ अलग ही है.

डॉक्टर ने कहा कि काढ़ा सिर्फ 5 मिनट उबालना चाहिए, इससे ज्यादा देर उबालने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. उनका मानना है कि जब आप मसालों और जड़ी-बूटियों को बहुत ज्यादा देर तक तेज आंच पर उबालते हैं, तो उनके अंदर मौजूद जरूरी तेल और औषधीय तत्व भाप बनकर उड़ जाते हैं. 5 मिनट की हल्की उबाल में मसालों का पूरा अर्क पानी में आ जाता है और उसके गुण भी बरकरार रहते हैं.

काढ़ा बनाने का सही तरीका क्या है?

  1. एक व्यक्ति के लिए काढ़ा बनाना है तो डेढ़ कप पानी लें.
  2. इसमें चुटकीभर हल्दी, थोड़ा सा कद्दूकस किया हुआ अदरक, 2-3 तुलसी के पत्ते, एक छोटा टुकड़ा दालचीनी और 1-2 कुटी हुई काली मिर्च डालें.
  3. अब इस पानी को स्टील के बर्तन में डालकर गैस पर रख दें.
  4. जैसे ही पहला उबाल आए, आंच को धीमा कर दें.

इसे भी पढ़ें: मुंह में घुल जाने वाला सॉफ्ट सूजी का हलवा परफेक्ट माप से, देखें वीडियो 




Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button