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बहू ने ससुर को दी सियासी पटखनी, अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र में पहले इम्तिहान में पास हुईं सुनेत्रा पवार | Sunetra Pawar led panel defeats Sharad Pawar backed group in Pune Baramati sugar factory election



महाराष्ट्र की राजनीति में मंगलवार का दिन राज्य की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार के लिए अहम रहा. अजित पवार के निधन के बाद उनके गृह जिले पुणे में पहली बार कोऑपरेटिव चुनाव थे. जिसमें सुनेत्रा पवार की पार्टी को बड़ी सफलता मिली है. पुणे जिले के बारामती की सोमेश्वर कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्री के चुनाव में सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली (NCP) ने 21 सीटें जीती हैं और अपना बोर्ड बनाया है. खास बात यह है कि यहां शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP (SP) के उम्मीदवार को करारी हार का सामना करना पड़ा है. यह चुनाव सुनेत्रा पवार की लीडरशिप के लिहाज से अहम था. जिसमें उन्हें बड़ी सफलता मिली है. 

सुनेत्रा पवार को बड़ी सफलता

दरअसल, सोमेश्वर सहकारी चीनी मिल बारामती के लिहाज से अहम मानी जाती है. यहां के बोर्ड पर पिछले 34 सालों से अजित पवार का दबदबा रहा है. शरद पवार से अलग होने के बाद भी उनकी पार्टी का दबदबा था. उनके निधन के बाद यहां पहली बार चुनाव था. लेकिन अजित दादा के न रहने के बाद चुनाव में परिस्थितियां बदली हुई थी. क्योंकि चुनाव में तीन गुट आमने-सामने थे. एक तरफ सुनेत्रा पवार का गुट था, दूसरी तरफ शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने भी अपना पैनल उतारा था. इसके अलावा कभी अजित पवार के करीबी रहे पुरुषोत्तम जगताप ने सुनेत्रा पवार का साथ छोड़कर बीजेपी के पूर्व विधायक संजय जगताप के साथ मिलकर नया गुट चुनाव में उतारा था. लेकिन चुनाव में सुनैत्रा पवार के गुट का ही दबदबा रहा. 

शरद पवार के गुट को मिली हार 

अजित पवार के चाचा शरद पवार ने फैक्ट्री इलाके के सूखे से प्रभावित क्षेत्रों में प्रचार किया था, लेकिन उनकी पार्टी समर्थित पैनल को हार का सामना करना पड़ा और वे तीसरे स्थान पर रहे. बारामती इलाके में स्थित यह फैक्ट्री पवार परिवार का गढ़ है, पहले अजित पवार समर्थित पैनल के नियंत्रण में थी, लेकिन अब सुनेत्रा गुट को जीत मिली है. मंगलवार को नतीजे घोषित होने के बाद सुनेत्रा पवार ने कहा यह जीत उस काम का नतीजा है जो अजित दादा ने सालों से किया है. यहां के किसानों ने अपना समर्थन देकर उनकी कोशिशों का सम्मान किया है. सुनेत्रा पवार ने अपने दोनों बेटों जय और पार्थ के साथ मिलकर गांव-गांव में प्रचार किया था. 

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ऐसा रहा चुनाव का हाल

चुनाव में फैक्ट्री के 27 625 सदस्यों में से 23,393 ने वोट डाले, जिससे मतदान प्रतिशत 84.25 रहा. 12000 से ज्यादा वोट मिले, जबकि जगताप समर्थित उम्मीदवारों को औसतन 5,500 से 6,000 वोट मिले. वहीं शरद पवार गुट के  उम्मीदवारों को औसतन लगभग 2500 वोट मिले. पुरुषोत्तम जगताप 13 साल तक फैक्ट्री के चेयरमैन रहे थे. लेकिन उन्होंने NCP से बगावत कर BJP के समर्थन से एक अलग पैनल खड़ा किया था. वहीं शरद पवार गुट के NCP (SP) के कैंपेन की अगुवाई युगेंद्र पवार ने की थी. जो अजित पवार के छोटे भाई के बेटे और शरद पवार के पोते (भतीजे के बेटे) हैं. कैंपेन के दौरान पार्टी प्रमुख शरद पवार ने फैक्ट्री के कामकाज वाले इलाके में सूखे से प्रभावित जगहों का दौरा भी किया था. लेकिन नतीजों में सुनेत्रा पवार गुट को बड़ी जीत मिली. 

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