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55 साल पुराना वो हिंदी गाना जिसमें दिखेगा 70s का दिल्ली, लखनऊ और मुंबई, घर बैठे भारत दर्शन, लता मंगेशकर की आवाज में सुपरहिट | 55 year old hindi song all about india tour Qutub Minar to lucknow bhool bhulaiya Lata Mangeshkar voice make it timeless



हिंदी सिनेमा के पुराने गानों की खासियत यही है कि उनकी धुनें कानों में पड़ते ही गुजरे जमाने की यादें ताजा हो जाती हैं. कुछ गाने प्यार का अहसास कराते हैं, तो कुछ जिंदगी की कड़वी सच्चाइयों को हंसते-हंसते समझा जाते हैं. ऐसा ही एक गाना है ‘पैसा फेंको तमाशा देखो’, जो 1971 में रिलीज हुई फिल्म ‘दुश्मन’ का है. लता मंगेशकर की आवाज, आनंद बख्शी के बोल और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का म्यूजिक इस गीत को खास बनाते हैं. दिलचस्प यह है कि अगर आप घर बैठे भारत दर्शन का इरादा रखते हैं और वो भी 70s का तो ये गाना परफेक्ट चॉयस है. यही वजह है कि पांच दशक से ज्यादा समय बीतने के बाद भी यह गाना हिंदी फिल्म संगीत के यादगार गानों में गिना जाता है. इस गाने में 70s के भारत की झलक देख सकेंगे.

मुमताज पर फिल्माया गया था गाना

‘पैसा फेंको तमाशा देखो’ में मुमताज नजर आई थीं. फिल्म में उनके साथ राजेश खन्ना और मीना कुमारी जैसे कलाकार भी थे. फिल्म का निर्देशन दुलाल गुहा ने किया था. यह वह दौर था जब राजेश खन्ना हिंदी सिनेमा के बड़े सितारों में शुमार थे और उनके साथ मुमताज की जोड़ी भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय थी. 

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गाने में बाइस्कोप के जरिये देश के अलग-अलग शहरों और मशहूर जगहों की सैर कराई जाती है. दिल्ली का कुतुब मीनार, कोलकाता का चौरंगी बाजार और लखनऊ की भूलभुलैया जैसे जिक्र गीत को एक अलग रंग देते हैं. उस दौर में बाइस्कोप मनोरंजन का लोकप्रिय माध्यम था. पर्दे पर तस्वीरें दिखाकर लोगों को दुनिया की झलक देने वाला यह छोटा-सा तमाशा गीत की कल्पना का अहम हिस्सा है.

आनंद बख्शी के बोल, लता मंगेशकर की आवाज और लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल का संगीत

इस गीत के बोल आनंद बख्शी ने लिखे थे. उनकी खासियत थी कि वह आम बोलचाल के शब्दों में ऐसी बात कह जाते थे, जो सुनने वाले के मन में ठहर जाती थी. इस गाने को लता मंगेशकर ने गाया है. संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इसकी धुन को ऐसा अंदाज दिया कि ये गाना एकदम जीवंत हो गया. आनंद बख्शी के बोल, लता मंगेशकर की गायकी और संगीत की लय मिलकर इसे उस दौर के यादगार फिल्मी गीतों में जगह दिलाते हैं.

‘दुश्मन’ की कहानी

दुलाल गुहा के निर्देशन में बनी ‘दुश्मन’ में राजेश खन्ना ने ट्रक ड्राइवर का किरदार निभाया था. कहानी में एक हादसे के बाद उसे मृत किसान के परिवार की जिम्मेदारी उठाने की सजा मिलती है. शुरुआत में गांव वाले उससे नफरत करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे उसके व्यवहार में बदलाव आता है और रिश्ते भी बदलने लगते हैं. फिल्म में मीना कुमारी ने मालती और मुमताज ने फूलमती की भूमिका निभाई थी.

आज बाइस्कोप का दौर भले ही पीछे छूट गया हो, लेकिन ‘पैसा फेंको तमाशा देखो’ जैसी कहावत रोजमर्रा की बातचीत में अब भी सुनाई देती है. इस गीत की लोकप्रियता का कारण केवल इसकी धुन नहीं, बल्कि इसका आसान मुखड़ा और उसके भीतर छिपा सामाजिक व्यंग्य भी है.




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