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रागी, बाजरा या ज्वार? बदलते मौसम में कौन सी रोटी खाना सेहत के लिए है सबसे बेस्ट, जानिए एक्सपर्ट की राय | Unani home Remedies Ragi, Bajra or Jowar Which Roti Should You Eat During Weather Change, Safdarjung Hospital Doctor Explains | kaun se aate ki roti best hai


Unani Remedies: जैसे ही मौसम करवट लेता है, सर्दी-जुकाम और सुस्ती जैसी परेशानियां घर-घर में दस्तक देने लगती हैं. ऐसे बदलते मौसम में सिर्फ गरम कपड़े निकालना काफी नही होता, बल्कि अपनी थाली में क्या जा रहा है उसपर भी ध्यान देना जरूरी है. आजकल लोग गेहूं की जगह मोटे अनाज यानी मिलेट्स की तरफ तेजी से लौट रहे हैं. लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि इस मौसम में रागी, बाजरा या ज्वार में से किसकी रोटी हमारे पेट और सेहत के लिए सबसे सही रहेगी.

एक्सपर्ट की सलाह

नई दिल्ली के मशहूर सफदरजंग अस्पताल में यूनानी विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. सैयद अहमद खान (Dr. Syed Ahmed Khan) के मुताबिक, मौसम बदलते वक्त हमारे शरीर का डाइजेशन यानी हाजमा थोड़ा धीमा पड़ जाता है.

डॉ. खान बताते हैं- 

“जब भी मौसम में हल्की ठंडक घुलने लगे, तो शरीर को अंदरूनी गर्मी और मजबूत इम्युनिटी की दरकार होती है. ऐसे वक्त में अंधाधुंध कोई भी आटा चुनने के बजाय अपने शरीर की तासीर को समझना बेहद जरूरी है. अगर आप सही अनाज चुनेंगे तो मौसमी बीमारियों से बचे रहेंगे और शरीर में दिनभर एनर्जी भी बनी रहेगी.”

रागी, बाजरा और ज्वार: आपके लिए क्या रहेगा सही?

बाजरा (तासीर में गर्म): जब गुलाबी ठंड शुरू हो जाए और मौसम में ठंडी हवाएं चलने लगें, तब बाजरे की रोटी खाना सबसे बढ़िया माना जाता है. इसकी तासीर गर्म होती है, जो शरीर को अंदर से गर्माहट देती है. इसमे भरपूर मात्रा में आयरन और फाइबर होता है, जो कमजोरी दूर करने और खून की कमी से निपटने में खूब मदद करता है. जिन लोगो को बहुत जल्दी ठंड लग जाती है, उनके लिए यह रामबाण है.

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ज्वार (हल्का और पचने में आसान): अगर मौसम में अभी भी थोड़ी उमस या दिन में हल्की गर्मी बाकी है, तो ज्वार की रोटी सबसे सेफ विकल्प है. ज्वार की तासीर ठंडी या सामान्य मानी जाती है और यह पेट के लिए बहुत हल्का होता है. जिन लोगो को गैस, एसिडिटी या ब्लोटिंग की शिकायत ज्यादा रहती है, उन्हें बदलते वक्त में ज्वार को ही अपनी पहली पसंद बनाना चाहिये. यह वजन घटाने और शुगर कंट्रोल रखने में भी कमाल का असर दिखाता है.

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रागी (हड्डियों के लिए वरदान): रागी को आप किसी भी मौसम में बेझिझक खा सकते हैं. यह कैल्शियम का सबसे बड़ा खजाना है. अगर बदलते मौसम में आपके जोड़ों में दर्द या बदन टूटने जैसी दिक्कतें होती हैं, तो रागी की रोटी जरूर खाएं. यह बच्चो और बुजुर्गों दोनो के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि इससे हड्डियां मजबूत होती हैं और थकान दूर भागती है.

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रोटी बनाते और खाते समय इन बातो का रखें ध्यान

अगर आप पहली बार मोटा अनाज शुरू कर रहे हैं, तो सीधे सिर्फ बाजरा या रागी की रोटी न बनाएं, शुरुआत में थोड़ा गेहूं का आटा मिलाकर गूंथें ताकि पेट खराब न हो. बाजरे या रागी की रोटी थोड़ी सूखी होती है, इसलिए खाते वक्त ऊपर से थोड़ा सा देसी घी या सफेद मक्खन जरूर लगाएं, इससे रूखापन नही लगेगा.  मोटे अनाज में फाइबर ज्यादा होता है, इसलिए दिनभर में पानी की मात्रा अच्छी रखें ताकि कब्ज की समस्या न होने पाए.





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